अब तक चीन में शराब की मौजूदगी तीन हजार साल पहले तक ही बताई जाती रही है। तब प्राचीन चीनी लोग शराब बनाने के लिए बाजरा, जौ, गेहूं का उपयोग करते थे।
इस नए अध्ययन के दौरान शोधार्थियों ने उत्तरी चीन की वेई नदी के पास पुरातात्विक स्थल मिजाया के दो भूमिगत गढ्ढ़ों की खुदाई की थी, जो 3,400 से 2,900 ईसापूर्व के माने जाते हैं। इन दोनों गढ्ढ़ों से तीन प्रकार के बर्तन मिले हैं। जिनके अंदर की सतह पर पीले रंग का पदार्थ भी मिला है।
इन बर्तनों के आकार और संरचना के आकलन के आधार पर अंदाजा लगाया गया है कि इन सभी बर्तनों का इस्तेमाल शराब बनाने के लिए किया जाता था। इसके साथ ही शोधार्थियों को ओरेकल (रसायन) की भी उपस्थिति मिली है, जिसका इस्तेमाल शराब बनाने में किया जाता है।
यह शोध अमेरिकी पत्रिका ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित हुआ है।
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