नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। ओलम्पिक में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को तत्काल पहचान दिलाने के लिए खेल मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि आने वाले रियो ओलम्पिक खेलों में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार के दावेदार होंगे।
मंत्रालय ने कहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए पूरे एक साल का इंतजार न करना पड़े। इसी साल पांच अगस्त से 21 अगस्त के बीच रियो में ओलम्पिक खेलों का आयोजन किया जाना है।
एकल स्पर्धा में पदक जीतने वाले उन खिलाड़ियों को जिन्हें पहले खेल रत्न पुरस्कार नहीं मिला है को खेल के सबसे उच्च पुरस्कार का प्रबल दावेदार माना जाएगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाला वह खिलाड़ी पुरस्कार का दावेदार होगा, जिसने अपनी टीम को पदक तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया है। यह देखा जाएगा कि ऐसे खिलाड़ी ने कितने गोल किए हैं और कितने गोल बचाए हैं। ऐसे खिलाड़ी अगर अर्जुन पुरस्कार नहीं पा सके हैं तो फिर उन्हें इसके लिए दावेदार माना जाएगा।”
खेल रत्न और अजुर्न पुरस्कार के लिए मौजूदा प्रावधान के अनुसार खिलाड़ी की पिछले चार साल की उपलब्धियों को ध्यान में रखकर उसे दावेदारों की सूची में रखा जाता है।
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