नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की दिल्ली इकाई ने दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त बी.एस. बस्सी को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का सदस्य बनाने को बुधवार को मोदी सरकार की ओर से दिए गए ‘तोहफे’ का नाम दिया।
माकपा ने कहा कि उन्हें जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेनयू) मामले में उनकी ‘वफादारी’ के लिए यह तोहफा दिया गया है।
माकपा ने एक बयान में कहा, “बस्सी जेएनयू के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल थे। अब मोदी सरकार ने उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए एक संवैधानिक पद पर नियुक्त कर दिया है। मोदी सरकार ने (जेनयू) मामले में उनकी ‘वफादारी’ के लिए उन्हें यह तोहफा दिया है।”
बयान में यह भी कहा गया है कि उनकी नियुक्ति राजनीति से प्रेरित है।
आम आदमी पार्टी (आप) नेता आशुतोष ने भी मंगलवार को बस्सी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व पुलिस आयुक्त को पार्टी के लिए उनकी सेवाओं के लिए अनुग्रहित किया है।
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