मनामा, 5 जून (आईएएनएस)। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि कि उसने आतंकवाद के मामलों में दोषी करार दिए गए आठ भगोड़ों को नाव के जरिए ईरान भेजने के प्रयास को नाकाम कर दिया है।
मंत्रालय ने कहा है कि तटरक्षकों ने उत्तरी बहरीन के तट से दूर एक नाव को देखने के बाद उनकी तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया।
मंत्रालय ने कहा, “नाव का पीछा किया गया था। उसमें सवार लोग जब खुद नहीं रुके तो उन्हें रोक दिया गया।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने विभिन्न मामलों में बहरीन की जेलों में 10-15 सालों के लिए कैद इन भगोड़ों के नाम और तस्वीरें जारी की हैं।
मंत्रालय ने एक बयान में ऐसे दो लोगों का जिक्र किया है जो ईरान से इस तरह की गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। बहरीन प्रशासन इन दोनों की तलाश में है।
बयान के मुताबिक, बिलाद अल कदीम निवासी नाव के कैप्टन और जुफैर निवासी उसके सहायक को भी गिरफ्तार किया गया है।
मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं।
मंत्रालय ने कहा, “गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से पहचान पत्र, धन, मोबाइल फोन, निजी सामान, एक जीपीएस और बड़ी मात्रा में पेट्रोल जब्त किया गया है।”
बीते साल अक्टूबर में बहरीन ने ईरान पर उसके आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाते हुए अपने राजदूत को वापस बुला लिया था और ईरान के राजदूत को वापस भेज दिया था।
बहरीन प्रशासन पहले भी हथियार जब्त कर चुका है। प्रशासन का दावा है कि ईरान ने ये हथियार खाड़ी में अस्थिरता पैदा करने के लिए भेजे थे।
पिछले साल नवंबर में बहरीन के सुरक्षा अधिकारियों ने एक प्रमुख आतंकवाद रोधी अभियान का संचालन किया था, जिसमें उसने एक आतंकवादी नेटवर्क को असफल किया था और 47 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि बहरीन के आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों के भीतर विभिन्न स्थानों से उच्च क्षमता के विस्फोटक, बम बनाने का सामान और हथियार जब्त किए गए हैं।
जब्त किए गए सामान के अतिरिक्त एक बम बनाने का कारखाना और विस्फोटक प्रयोगशाला भी मिली है।
बहरीन के जांचकर्ताओं ने तब कहा था कि 2015 की पिछली आतंकवादी घटनाओं के समान गिरफ्तार किए गए संदिग्धों का ईरान के आतंकवादी संगठनों के साथ मजबूत संबंध है।
बहरीन, अमेरिका का नजदीकी सहयोगी है और उसके पांचवे नौसेना बेड़े की मेजबानी कर रहा है, जिसने अकेले इस साल अलग-अलग घटनाओं में हथियारों से लदे तीन जहाजों को रोका था। बहरीन ने दावा किया था कि ये हथियार यमन के हौथी विद्रोहियों के लिए थे जिनकी जड़ें ईरान में हैं।
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