बान की-मून ने पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपने संदेश में कहा कि इस साल ‘यह दिन वन्यजीव संबंधी अवैध व्यापार पर और ज्यादा रोशनी डाल रहा है। बहुत बड़ी चिंता की बात है।’
उन्होंने कहा, “हाथियों को उनके दांतों, गैंडों को उनके सींगों एवं छिपकलियों को उनकी खाल के लिए शिकार बनाया जा रहा है। समुद्री कछुओं से लेकर बाघ व बाघ से लेकर शीशम के पेड़ सहित हजारों वन्य पशु व पौधों की प्रजातियों को विलुप्ती के कगार पर पहुंचा दिया गया है।”
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “मैं इस विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों एवं दुनियाभर की सरकारों से मतभेद भुलाने, लालच से लड़ने और मौजूदा व भावी पीढ़ियों के फायदे के लिए हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करने का अनुरोध करता हूं।”
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