टोक्यो, 7 जून (आईएएनएस)। जापान के दुर्घटनाग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में भूमिगत बर्फ की दीवार का निर्माण कार्य जारी है और यह दूसरे चरण में पहुंच गया है। बर्फ की इस दीवार का निर्माण प्रदूषित भूजल की मात्रा बढ़ने से रोकने के लिए किया जा रहा है।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, संयंत्र की संचालक कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन ने कहा कि इस दीवार का तीन चरणों में निर्माण किया जा रहा है, जो अब दूसरे चरण में पहुंच गया है। अंतिम चरण का निर्माण जापान के परणाणु नियामक प्राधिकरण (एनआरए) की मंजूरी के बाद किया जाएगा।
इस दीवार का निर्माण इसलिए किया जा रहा है, ताकि संयंत्र से निकला रेडियोएक्टिव जहरीला पानी भूजल के साथ मिल न सके, जो परमाणु संयंत्र के चार इमारतों से रिस रहा है। 2011 में आए भूकंप और सुनामी से यह संयत्र दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इससे जहरीला पानी रिसने लगा था।
दूसरे चरण में रिएक्टर के 95 फीसदी हिस्से में दीवार का निर्माण कर दिया जाएगा, इससे इमारत के बेसमेंट में रोजाना जाने वाली पानी की मात्रा में 50 फीसदी की कमी आएगी।
इस दीवार को बनाने के लिए जमीन से 30-35 मीटर की गहराई में 1,500 पाइपें डाली गई हैं। इन पाइपों में बाद में सैलाइन का द्वव्य भरा जाएगा। इस द्रव्य को शून्य से नीचे 30 डिग्री सेल्सियस के तापमान तक ठंडा किया जाएगा, ताकि इसके आसपास की मिट्टी जम जाए। इससे परमाणु संयंत्र के आसपास एक बर्फ की दीवार तैयार हो जाएगी।
हालांकि कंपनी ने इस परियोजना के पूरा होने की अंतिम समयसीमा अभी तय नहीं की है।
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