इस्लामाबाद, 8 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अफगानिस्तान, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात तथा कतर की यात्रा से बौखलाए पाकिस्तानी सीनेटरों ने सरकार से कूटनीतिक नाकामी को तत्काल दुरुस्त करने को कहा है।
सीनेटरों ने मोदी के सऊदी अरब सहित विभिन्न देशों के हालिया दौरे पर प्रकाश डालते हुए इन देशों से भारत के प्रगाढ़ होते संबंधों पर चिंता जताई। ये देश पाकिस्तान के भी मित्र देश माने जाते हैं।
पाकिस्तान की यह चिंता मोदी की पांच देशों -अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका तथा मेक्सिको- की यात्रा के चौथे पड़ाव के दौरान सामने आई है।
‘भारत द्वारा हाल में इंटरसेप्टर मिसाइल के परीक्षण से क्षेत्र में हथियारों की दौड़ बढ़ेगी’, मुद्दे पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल)-एन के जावेद अब्बासी द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया था कि पाकिस्तान अपनी रक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय करेगा।
उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिक तथा विशेषज्ञ भारतीय परमाणु सिद्धांत से देश की सुरक्षा के खतरों की निगरानी और आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद पाकिस्तान ने एक मजबूत परमाणु प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली हासिल की है।
सलाहकार ने कहा कि संबंधित अंतर्राष्ट्रीय मंचों के माध्यम से भारत की हिंद महासागर के परमाणुकरण की योजना के खतरनाक पहलुओं को पाकिस्तान सामने लाने की योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहा है, जिसमें हिंद महासागर को परमाणु हथियार मुक्त रखने की मांग की जाएगी।
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