पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजीत जोगी ने कहा कि अब वह छत्तीसगढ़ से बाहर कदम नहीं रखेंगे। छत्तीसगढ़ की धरती अमर है, अमीर है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें इच्छामृत्यु का वरदान मिला हुआ है। अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा के अवसर पर उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया और उन पर फूलों की बारिश भी की गई।
ठाठापुर में आयोजित सभा में पूर्व मुख्यमंत्री ने चांदी की सड़क बनवाने वाली बात फिर से दोहराई। साथ ही कहा कि छत्तसगढ़ से निकलने वाले खनिजों और हीरों पर आदिवासियों का हक है। किसानों की धान की कीमतें दिल्ली में क्यों तय होती है, उनकी सरकार बनी तो ये कीमत यहीं तय होगी। उनकी सरकार आई तो नौकरी में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने 15 जून को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा भेज दिया था। जोगी ने पूर्व में ही छत्तीसगढ़ के विकास के लिए स्वयं अपनी पार्टी बनाने की घोषणा कर दी थी। उनका मानना है कि छत्तीसगढ़ आदिवासियों का राज्य है, जिस पर ‘आउटसोर्सिग सरकार’ थोपी जा रही है।
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