बीजिग, 21 जून (आईएएनएस)। दुनिया के सात आश्चर्यो में से एक चीन की दीवार पर मंगलवार को योग और चीनी मार्शल आर्ट ताई ची का मेल देखा गया, जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यहां हजारों लोग योगाभ्यास और ताई ची के लिए इकट्ठा हुए।
बीजिग, 21 जून (आईएएनएस)। दुनिया के सात आश्चर्यो में से एक चीन की दीवार पर मंगलवार को योग और चीनी मार्शल आर्ट ताई ची का मेल देखा गया, जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यहां हजारों लोग योगाभ्यास और ताई ची के लिए इकट्ठा हुए।
सफेद टीशर्ट पहने योग और ताईची प्रेमियों के मार्गदर्शन के लिए वहां विशेषज्ञ मौजूद थे और योग विशेषज्ञ को खासतौर से भारत से बुलाया गया था।
इन कार्यक्रम में भाग लेनेवालों में ज्यादातर युवा थे। योग कार्यक्रम के दौरान पाश्र्व में भारतीय भक्ति संगीत बजाया जा रहा था। इस कार्यक्रम की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही थी। इस अवसर पर ताई ची का भी अभ्यास और प्रदर्शन किया गया।
चीनी योग प्रशिक्षक लिन शिया हाई (राम लिन के नाम से भी जाने जाते हैं) ने आईएएनएस को बताया, “ज्यादा से ज्यादा चीनी नागरिकों को योग की जरूरत है ताकि वे अपना तनाव कम कर सकें।”
इस कार्यक्रम का आयोजन यहां के भारतीय उच्यायोग और सरकारी संस्था चायनीज पीपल्स एसोसिएसन फॉर फ्रेंडशिप बिथ फॉरेन कंट्रीज (सीपीएएफएफसी) ने मिलकर किया था।
पूर्वी चीन के नौ शहरों में लगभग 9,000 लोगों ने भारतीय उच्चायोग द्वारा स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आयोजित योग कार्यक्रम में भाग लिया।
पिछले सालों दौरान चीन में भारतीय कला योग की लोकप्रियता बढ़ी है। चीन में सबसे पहले 1989 में योग आया था।
अब बीजिंग के फिटनेस क्लबों योग प्रशिक्षक के बिना अधूरे माने जाते हैं। बीजिंग के चायोंग जिले में 2003 में जहां योग संस्थान की संख्या 3 थी, वहीं, 2015 तक यह बढ़कर 1,000 हो चुकी है।
इसके अलावा शंघाई और गुंझाऊ शहरों में योग कार्यक्रम किया गया।
इस दौरान एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट की रपट में बताया गया कि चीन में प्रसवपूर्व योग की सबसे बड़ी कक्षा पांच शहरों में एक साथ लगाई गई, जिसमें 1,443 गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया। इसका पिछला रिकार्ड भी पिछले साल चीन में ही बना था, तब इसमें 533 गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया था।
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