योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं : रविशंकर

ब्रसेल्स, 22 जून (आईएएनएस)। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने यहां यूरोपीय संसद में कहा कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह समरसता कायम करता है।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक ने यहां मंगलवार को यूरोपीय संसद के सदस्यों तथा यूरोपीय संघ के अधिकारियों से कहा, “योग की उत्पत्ति भले ही भारत में हुई हो, लेकिन यह पूरी दुनिया से संबंधित है।”

रविशंकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, “क्या योग केवल सिर्फ शारीरिक व्यायाम है? नहीं! योग जीवन में समरसता लाता है।”

कार्यक्रम में यूरोपीय संसद के सदस्यों जियोफ्रे वान ऑर्डन, नीना गिल, जो लिनेन, निर्ज देवा, जोकोब वॉन विजसेकर तथा कोरा वान नियूवेनह्यूजेन सहित कई सदस्यों ने हिस्सा लिया।

रविशंकर ने बाद में सांसदों के सवालों का जवाब दिया, जिसके बाद यहूदी मेनूहिन हॉल में सांसदों को ध्यान लगाना सिखाया।

इस बीच, आर्ट ऑफ लिविंग ने अपने बयान में कहा कि दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर संस्था के योगाभ्यास कार्यक्रम में मंगलवार को पूरे भारत के 156 शहरों में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया।

बयान के मुताबिक, देश के सभी बड़े जिलों में एक महीने लंबे मुफ्त योग शिविर के आयोजन का अंत हुआ।

बयान में कहा गया है कि जेलों, कॉरपोरेट कार्यालयों (लगभग एक हजार जगहों पर), कारगो शिप, विशेष विद्यार्थियों के स्कूलों, भारत-पाकिस्तान सीमा, सार्वजनिक उद्यानों तथा अन्य जगहों पर योग सत्र का आयोजन किया गया।

बयान के मुताबिक, रविशंकर वाशिंगटन, बॉस्टन, कोलंबस, मिनेसोटा, सैन फ्रांसिस्को, पोर्टलैंड तथा सिएटल जैसे शहरों में ध्यान के महत्व व उसकी प्रासंगिकता को लेकर कई सार्वजनिक कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।

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