ब्रसेल्स, 24 जून (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने (ब्रेक्सिट) के फैसले का ईयू पर अप्रत्याशित और कल्पनातीत प्रभाव पड़ेगा। यह चेतावनी शुक्रवार को ब्रसेल्स स्थित उद्योग संघ ‘यूरोप इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के महासचिव सुनील प्रसाद ने दी।
उन्होंने कहा, “मतदान ने ईयू की एकता और अखंडता को झटका दिया है। ब्रिटेन अलग हो गया है, ईयू कमजोर हो गया है और ब्रसेल्स टूट गया।”
प्रसाद ने कहा कि मतदान से निश्चित रूप से ब्रिटेन में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को शुरू में दिक्कत होगी। उन्होंने हालांकि कहा कि इससे भारतीय कंपनियों को अलग-अलग देश के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक वार्ता करने का एक नया रास्ता भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों की ईयू में अच्छी खासी बाजार हिस्सेदारी बनी रहेगी और व्यापारिक बाधा बढ़ने की कोई संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा, “यूरोप की आर्थिक समृद्धि में गिरावट और तेजी से वापसी की कम संभावना और शरणार्थी समस्या पर ठोस नीतियों के अभाव के कारण यह माना जा रहा था कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि कई यूरोपीय देश, जो ईयू की आर्थिक और शरणार्थी नीतियों से सहमत नहीं हैं, किसी न किसी बहाने जनमत संग्रह की फिराक में रहेंगे। यह ईयू की एकता और अखंडता के लिए स्थायी खतरा है। इसकी भी कोई गारंटी नहीं है कि ईयू के कई दूसरे सदस्य अपने हित में ईयू पर दबाव बनाने से नहीं हिचकेंगे।”
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