वालेंसिया, 25 जून (आईएएनएस)। हाल ही में हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी में कांस्य पदक जीतने के बाद भी भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच रोलेंट ओल्टमैंस चाहते हैं कि उनकी टीम अपने खेल में सुधार करे, क्योंकि सभी खिलाड़ी सोमवार से छह देशों के टूर्नामेंट की भी शुरुआत हो रही है।
रियो ओलम्पिक खेलों के लिए अपनी तैयारी करता भारतीय हॉकी दल अपने अभियान की शुरुआत जर्मनी के खिलाफ करेगा।
जर्मनी और भारत के अलावा सोमवार से स्पेन के वालेंसिया में शुरू हो रहे छह देशों के हॉकी टूर्नामेंट में आयरलैंड, अर्जेटीना, स्पेन और न्यूजीलैंड भी है।
सबसे रोमांचक बात यह है कि भारत को रियो ओलम्पिक में जर्मनी, अर्जेटीना और आयरलैंड के साथ एक ही समूह में रखा गया है।
ओल्टमैंस ने अपने बयान में कहा, “चैम्पियंस ट्रॉफी में जिस स्तर पर हमने खेला था, वह ओलम्पिक में प्रदर्शन के लिए पर्याप्त नहीं है।”
मुख्य कोच ने कहा, “मेरा मानना है कि हमारी स्थिरता नियमित रूप से बढ़ी है, लेकिन हमें और भी बेहतर होने की जरूरत है। अगले छह सप्ताह काफी महत्वपूर्ण हैं। जब ओलम्पिक की बात होती है, तो जर्मनी और अर्जेटीना जैसी बड़ी टीमें अपने मजबूत खेल का प्रदर्शन करती हैं और हमारे खिलाड़ियों को इसका एहसास कराती रहती हैं।”
कोच ने कहा कि इस टूर्नामेंट में जर्मनी और अर्जेटीना के खिलाफ दिए जाने वाले प्रदर्शन से ओलम्पिक के लिए उनके लक्ष्यों की उपलब्धि के मामले में टीम की गति का पता चलेगा।
ओल्टमैंस ने कहा, “हम प्रत्येक टीम के खिलाफ बनाई गई अपनी रणनीति पर अडिग रहेंगे। हमने लंदन में एक के बाद एक मुकाबले खेले और अपने खेल पर हार का असर नहीं होने दिया। जर्मनी के साथ ड्रॉ हुए पहले मुकाबले के बाद दूसरे मुकाबले में हमने ब्रिटेन को मात दी थी।”
उन्होंने कहा, “बेल्जियम के खिलाफ भले ही हमें हार मिली हो, लेकिन दक्षिण कोरिया जैसी टीम को हराकर और आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को ड्रॉ कर हमने दर्शा दिया है कि एक टीम के तौर पर हम परिपक्व हो गए हैं और जिस प्रकार से खेल प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस को दर्शाया है, वह हमारे लिए एक अच्छा संकेत है।”
छह देशों का टूर्नामेंट कप्तान सरदार सिंह के लिए बेहद जरूरी है, जिन्हें चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान आराम दिया गया था। उनके साथ ही रुपिंदर पाल सिंह और रमनदीप सिंह को भी आराम दिया गया था।
ओल्टमैंस ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं कि खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगहे हैं और कप्तान की कमान को संभालने पर अपने नेतृत्व वाले कौशल का प्रदर्शन करते हैं। युवा खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन से यह साफ है कि प्रतियोगिता और भी मजबूत हो गई है।”
मुख्य कोच ने कहा कि रियो ओलम्पिक खेलों के लिए भारत के अंतिम दल में खिलाड़ियों के चयन के लिए इस टूर्नामेंट को भी बेहद करीब से देखा जाएगा।
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