कोलंबो, 27 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने सोमवार को अनुमान लगाया कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से निकलने के कारण देश के आर्थिक हालात कम से कम दो सालों तक अनिश्चित रहेंगे।
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमासिंघे को प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के कारण और वैश्विक अर्थव्यवस्था में संकट के कारण श्रीलंका में आर्थिक संकट कम से कम दो सालों तक बरकरार रहेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंका का लगभग 40 फीसदी निर्यात ब्रिटेन को होता है। इसलिए पाउंड की घटती कीमत से इस दक्षिण एशियाई देश पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा।
श्रीलंका की पूर्व सरकार के शासनकाल में उसने ईयू की जनरलाइज्ड सिस्टम आफ प्रीफ्रेंस प्लस फैसिलिटी (जीएसपी प्लस) की रेटिंग खो दी थी। पिछले साल सत्ता संभालने वाली नई सरकार का कहना है कि वह ईयू के उम्मीदों पर खरा उतरेगी और जीएसपी की रेटिंग दोबारा पाने के लिए कुछ कानूनी संशोधन करेगी।
विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि ब्रेक्सिट से हुई अनिश्चितता के कारण श्रीलंका की अब दक्षिण और दक्षिणपूर्व के देशों के साथ व्यापारिक समझौतों पर नजर है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने भारत के साथ पहले ही आर्थिक तकनीक सहयोग पर हस्ताक्षर की योजना बनाई है और चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया है। जल्द ही हम सिंगापुर के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे और दक्षिण कोरिया के साथ भी यह समझौता करने पर विचार कर रहे हैं।”
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