भोपाल, 27 जून (आईएएनएस)। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मध्य प्रदेश इकाई 11 से 17 जुलाई तक विरोध सप्ताह मनाएगी। यह फैसला माकपा के राज्य सचिव मंडल की बैठक में किया गया। यह जानकारी पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने सोमवार को दी।
माकपा के राज्य सचिव बादल सरोज ने बताया कि पार्टी के प्रदेश कार्यालय में राज्य सचिव मंडल की दो दिवसीय बैठक चल रही है। रविवार को बैठक की शुरुआत में पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने पिछले दिनों केंद्रीय समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “इस बैठक में राज्य सचिव मंडल ने 11 से 17 जुलाई तक विरोध सप्ताह मनाने का निर्णय किया। यह विरोध सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। इसके अलावा मोदी सरकार द्वारा कई क्षेत्रों में 100 फीसदी विदेशी निवेश की दी गई छूट, मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा सूखा पीड़ितों की अनदेखी एवं लोकतंत्र पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों के मुद्दों पर भी विरोध दर्ज कराए जाएंगे।”
उन्होंने कहा, “बैठक में बंगाल में जारी हिंसा, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी और जन संगठनों पर हो रहे हमले के विरोध में अगस्त माह के पहले सप्ताह में होने वाले देशव्यापी आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई।”
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