यूरोपीय संघ ब्रेक्जिट पर अनौपचारिक वार्ता से कर सकता है इनकार

लंदन, 27 जून (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ एवं ब्रिटेन के बीच मंगलवार को होने वाले यूरोपीय संघ के सम्मेलन को लेकर गतिरोध बढ़ता दिख रहा है। इसका आयोजन ब्रिटेन के यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में हुए जनमत संग्रह पर चर्चा के लिए होना है। ब्रिटेन के अखबार गार्डियन ने यह बात कही है।

यूरोप के नेताओं में इस बात को लेकर मतभेद है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने यानी ‘ब्रेक्जिट’ पर किस तरह से बातचीत की जाए। ब्रिटेन ईयू को छोड़ने के मुद्दे पर औपचारिक बातचीत शुरू करने से कतरा रहा है। ईयू के एक सूत्र ने कहा कि वकीलों का कहना है कि एक सदस्य देश को प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

लेकिन, यूरोपीय संघ के एक अन्य बड़े अधिकारी ने कहा कि इसी तर्क के हिसाब से जब तक आधिकारिक तौर पर यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती, तब तक ब्रसेल्स (यूरोपीय संघ का मुख्यालय) प्रस्ताव पर अनौपचारिक चर्चा से भी इनकार कर सकता है। यही वह रास्ता है जिसका लंदन के पूर्व मेयर बोरिस जॉनसन सहित ब्रेक्जिट के प्रमुख नेता अनुसरण करना चाहते हैं।

अधिकारी ने कहा जब तक कोई अधिसूचना नहीं जारी होती, तब तक कोई वार्ता भी नहीं होगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी इसी महीने ब्रसेल्स में रुकने के बाद बातचीत के लिए लंदन आने वाले हैं जबकि जर्मनी, फ्रांस और इटली के नेताओं की बैठक बर्लिन में होगी। कैरी ने कहा है कि ब्रिटेन और ईयू को अलग होने के लिए बातचीत में कम से कम बाधाओं का रास्ता अपनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को मंगलवार की रात ईयू के सम्मेलन में रात्रिभोज के दौरान ब्रिटेन की स्थिति के बारे में स्पष्ट करना है। कैमरन रात्रिभोज के बाद चले जाएंगे। वह यूरोपीय यूनियन के शेष 27 सदस्यों की बुधवार को होने वाली बातचीत में भाग नहीं लेंगे।

यूरोपीय संघ की संसद के अध्यक्ष मार्टिन स्लूज का कहना है कि ब्रिटेन के अलग होने की बातचीत को जल्द से जल्द, मंगलवार को ही शुरू कर देना चाहिए।

उन्होंने जर्मनी के अखबार बिल्ड एम सोनटैग से कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि ब्रिटिश सरकार को ही अब पहल करनी है। मंगलवार का सम्मेलन ऐसा करने लिए सबसे उचित मौका है। ”

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लाउड जंकर ने कहा कि वार्ता को अत्यंत जरूरी मानकर तुरंत शुरू करना चाहिए। उन्होंने कैमरन को शुक्रवार को यह कहने के लिए फोन किया था कि प्रधानमंत्री को तत्काल अनुच्छेद 50 का उपयोग करना चाहिए जो किसी राष्ट्र के यूरोपीय संघ से अलग होने की प्रक्रिया तय करता है।

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