अंकारा, 29 जून (आईएएनएस)। तुर्की के अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि इस्तांबुल शहर के अतातुर्क अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले में 36 लोग मारे गए और 145 से अधिक घायल हुए हैं।
अंग्रेजी चैनल ‘सीएनएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार रात दुनिया के सबसे चहल-पहल वाले हवाईअड्डों में से एक पर हुए हमले के बाद लोगों में खौफ घर कर गया है।
तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरीम ने लोगों के मारे जाने की पुष्टि की। न्याय मंत्री बेकिर बोजदाग ने कहा कि हमले में 147 लोग घायल हुए हैं।
तुर्की के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि जिन तीन आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, उनमें से दो अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल पर थे और तीसरा करीबी पार्किं ग एरिया में था।
यिलदिरीम ने कहा, “आतंकवादी एक टैक्सी से हवाईअड्डे पहुंचे और उसके बाद हमले किए।”
उन्होंने कहा, “यह हकीकत की उनके पास बंदूकें थीं, खतरे की घंटी है। शुरुआती निष्कर्षो से पता चला है कि तीन हमलावरों ने पहले गोलियां बरसाईं और उसके बाद स्वयं को उड़ा दिया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ संकेत इसमें आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ होने का संकेत दे रहे हैं।
हालांकि फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
अतातुर्क हवाईअड्डे को मंगलवार देर रात दो बजे दोबारा खोल दिया गया।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एरडोगन ने आतंकवाद से मिलकर लड़ने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, “भूल न करें। आतंकवादी संगठनों के लिए इस्तांबुल, लंदन, अंकारा, बर्लिन, इजमिर और शिकागो या एंटाल्या व रोम में कोई अंतर नहीं है।”
एरडोगन ने कहा, “जब तक सभी सरकारें और पूरी मानवजाति आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट नहीं हो जाती, तब तक हमारी कल्पना से भी कहीं अधिक बुरी चीजें हकीकत में तब्दील होंगी।”
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