टोक्यो, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित एक कैफे पर आतंकी हमले में सात जापानी कामगारों के मारे जाने के बाद विकासशील देशों में सहायता परियोजनाएं चलाने वाली जापान सरकार की एक एजेंसी बांग्लादेश छोड़ सकती है।
अमेरिकी पत्रिका ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ ने सोमवार को कहा कि जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी(जेआईसीए) दक्षिण एशियाई देशों में दर्जनों परियोजनओं से जुड़ी हुई हैं जिनमें पुल निर्माण, सड़कें व रेलवे और जल एवं सफाई व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
जेआईसीए के एक प्रवक्ता ने कहा कि हाल में हुई हत्याओं के बाद एजेंसी बांग्लादेश छोड़ने पर विचार कर रही है।
ढाका के गुलशन राजनयिक इलाके में स्थित होले आर्टिजन बेकरी पर करीब 12 घंटों की घेराबंदी में सात जापानी नागरिक मारे गए जिनमें माकोतो ओकामुरा (32), यूको साकाई (42) और रुई शिमोदाइरा (27) टोक्यो स्थित परामर्शदात्री प्रतिष्ठान एलमेक कॉरपोरेशन के कर्मचारी थे।
अन्य मृतकों में हिदेकी हाशिमोतो (65), नोबुहिरो कुरोसाकी (48) और हिरोशि टनाका (82) ओरिएंटल कंसल्टेंट्स ग्लोबल के लिए काम करते थे जबकि कोयो ओगासावारा (56) कठारिया एंड इंजीनियर्स इंटरनेशनल के लिए काम करते थे।
जेआईसीए के अध्यक्ष शिनिचि किटाओका ने कहा कि गत अक्तू बर, 2015 में देश के उत्तरी भाग में एक जापानी नागरिक की हत्या के बाद जो लोग बांग्लादेश भेजे गए थे उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई थी।
जेआईसीए की वार्षिक रपट के मुताबिक अप्रैल, 2014 से मार्च, 2015 के बीच जापन ने बांग्लादेश में 49.3 अरब येन (47.9 कारेड़ डॉलर) खर्च किए जिनमें अनुदान भी शामिल हैं।
रपट में कहा गया कि एजेंसी ने सहायता कार्यक्रमों को क्रियान्वित किया है जिससे आर्थिक विकास की गति तेज होगी और जो भेद्यता बांग्लादेश झेल रहा है उस पर काबू पाने में उसे मदद मिलेगी।
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