सियोल, 8 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान जारी कर घोषणा की कि पड़ोसी देशों के विरोध के बावजूद वे टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) के साथ ही यूएस फोर्सेस कोरिया (यूएसएफके) की तैनाती करेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका लक्ष्य उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरे से निपटना है।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने इस साल के अंत तक एक थाड बैटरी की तैनाती का लक्ष्य रखा, जिसका नियंत्रण यूएसएफके कमांडर के तहत एलाइड फरेसेस के हाथ में होगा।
एक थाड बैटरी में 6 मोबाइल लांचर, 48 इंटरसेप्टर, एयरबोर्न रडार और आग नियंत्रण प्रणाली शामिल होती है।
कहा जाता है कि दक्षिण कोरिया ने करीब 1.3 अरब डॉलर की थाड प्रणाली को खरीदने की कोई योजना नहीं बनाई है। दक्षिण कोरिया केवल इसकी तैनाती के लिए जगह और बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराएगा, जबकि अमेरिका इसके ऑपरेशन और मेंटनेंस का खर्च वहन करेगा।
यह घोषणा ऐसे वक्त की गई है जब चीन और रूस अमेरिका द्वारा पेंसिनवेलिया प्रायद्वीप में थाड सिस्टम की तैनाती का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह दक्षिण कोरिया की वास्तविक जरूरतों से कहीं ज्यादा है और उन दोनों देशों की रणनीतिक सुरक्षा के लिए खतरा है।
थाड की रडार प्रणाली उत्तर कोरिया के क्षेत्र से बाहर के भी मिसाइलों को पकड़ सकता है, जिसके कारण इसकी तैनाती का रूस और चीन लगातार विरोध कर रहे हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि चीन इससे असंतुष्ट है और उसने थाड की तैनाती का कड़ाई से दक्षिण कोरिया के समक्ष विरोध प्रकट किया है।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अपने पड़ोसी देशों को (जिसमें रूस और चीन भी शामिल हैं) थाड की तैनाती के अंतिम फैसले के बारे में सूचित किया।
इस बयान में कहा गया कि अमेरिका रक्षा प्रणाली का लक्ष्य कोई तीसरा देश नहीं है, बल्कि उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरे के मद्देनजर इसकी तैनाती की जा रही है।
इसमें कहा गया है कि उत्तर कोरिया ने कई परमाणु परीक्षण के अलावा कई बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण भी किया है, जो कि दक्षिण कोरिया ही नहीं, बल्कि समूचे एशिया-प्रशांत महासागर क्षेत्र के लिए खतरनाक है।
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