रितू के न होने का दुख : सुशीला

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। ओलम्पिक में 36 साल बाद दस्तक दे रही भारतीय महिला हॉकी टीम के नेतृत्व में बदलाव करते हुए हॉकी इंडिया (एचआई) ने मंगलवार को डिफेंडर सुशीला चानु को अगस्त में होने वाले खेलों के महाकुंभ के लिए टीम की कमान सौंपी है। एचआई ने मंगलवार को रियो के लिए महिला एवं पुरुष टीमों की घोषणा की।

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। ओलम्पिक में 36 साल बाद दस्तक दे रही भारतीय महिला हॉकी टीम के नेतृत्व में बदलाव करते हुए हॉकी इंडिया (एचआई) ने मंगलवार को डिफेंडर सुशीला चानु को अगस्त में होने वाले खेलों के महाकुंभ के लिए टीम की कमान सौंपी है। एचआई ने मंगलवार को रियो के लिए महिला एवं पुरुष टीमों की घोषणा की।

महिला टीम की पूर्व कप्तान रितू रानी को टीम से निकाले जाने पर हालांकि किसी अधिकारी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, वहीं नवनियुक्त कप्तान सुशीला ने जरूर रितू के टीम में न होने पर दुख व्यक्त किया।

सुशीला ने आईएएनएस से कहा, “उनका (रितू) का होना काफी अहम था, टीम को उनकी कमी खलेगी। उनके न होने का काफी दुख है।”

उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम को ओलम्पिक में प्रवेश दिलाने वाली कप्तान रितू को विवादित तरीके से टीम से बाहर कर दिया गया है। खराब प्रदर्शन और एचआई के अधिकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप लगने के बाद रितू ने अभ्यास शिविर बीच में ही छोड़ दिया था।

मणीपुर के छोटे से शहर से निकली सुशीला की कप्तानी में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम जर्मनी में खेले गए जूनियर महिला हॉकी विश्व कप-2013 में कांस्य पदक विजेता रही थी। सुशीला का कहना है कि उनकी कोशिश टीम को ओलम्पिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने की होगी।

टीम की कमान मिलने पर सुशीला का कहना है कि टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों के सहयोग से वह इस नई चुनौती का सामाना अच्छे से कर पाएंगी।

सुशीला हाल ही में आस्ट्रेलिया दौरे पर रितू रानी की अनुपस्थिति में भारतीय टीम का नेतृत्व कर चुकी हैं, हालांकि उस दौरे पर भारतीय टीम एक भी जीत हासिल करने में असफल रही थी।

सुशीला ने कहा, “सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच टीम में मुझे कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं है। हमारी टीम समझदार है। टीम की सीनियर खिलाड़ियों में दीपिका ठाकुर और रानी रामपाल, यह लोग काफी कुछ सीखाती हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने सौ फीसदी तैयारी की है, लेकिन आज के खेल में यह कहना मुमकिन नहीं है कि कौन सी टीम कहां तक जाएगी। किस्मत भी बहुत बड़ा रोल अदा करती है और फिर खेल दिन विशेष पर भी निर्भर करता है। फिर भी हमारी कोशिश होगी की हम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचें।”

भारतीय महिला टीम ने 1980 के बाद ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया है। टीम में जब इस मुकाम को हासिल किया था तब टीम की कमान हरियाणा की रितू रानी के पास थी, लेकिन विवादों के चलते उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया है।

रियो ओलम्पिक की तैयारी के बारे में सुशीला ने कहा कि टीम इस समय पूरी तरह तैयारी में जुटी हुई है।

राष्ट्रीय टीम में 2008 में पदार्पण करने वाली सुशीला ने कहा, “हमारी तैयारी चल रही है। हमारी कोशिश रैंकिंग में सुधार करने की होगी। हम अपनी तैयारी में अटैक पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। हमें अर्जेटीना से थोड़ा खतरा है। यह टीम भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।”

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