विश्व जनसंख्या दिवस पर एक बयान में मेक्सिको, क्यूबा तथा डोमिनिक रिपब्लिक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के प्रतिनिधि एरी हॉकमैन ने कहा कि किशोरियां अभी भी खतना, समय पूर्व गर्भावस्था, यौन हिंसा व यौन जनित रोग जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं।
हॉकमैन ने कहा, “किशोरियों को शिक्षा के साथ ही सुरक्षित व स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार है।”
उन्होंने कहा कि किशोरियों को सक्षम सहायता प्रदान कर उनकी क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है और भविष्य में कामगार, मां, कारोबारी, शिक्षिका, राजनीतिज्ञ बनने में उनकी सहायता कर दुनिया को बदला जा सकता है।
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