एक प्रेस विज्ञप्ति में एफएओ ने कहा कि अगर क्षेत्र में शांति प्रक्रिया स्थापित नहीं की गई, तो दक्षिण सूडान में भुखमरी का सामना कर रहे लाखों लोग तबाही के कगार पर पहुंच जाएंगे।
दक्षिण सूडान में गृह युद्ध की शुरूआत 2013 में राष्ट्रपति साल्वा कीर और तत्कालीन बर्खास्त उपराष्ट्रपति रीक मचार के गुटों में संघर्ष से हुई है, जिसके तहत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए चीन की सरकार ने यह राहतकार्य अभियान चलाया है।
पिछले माह जारी हुए एफएओ के आंकलन में दर्शाया गया है कि दक्षिण सूडान पहले से ही खराब स्थिति में है, क्योंकि 48 लाख लोग पहले से ही भुखमरी और कुपोषण की परेशानी से जूझ रहे हैं।
किर और मचार ने दो साल के अधिक तक चले आ रहे नागरिक युद्ध को समाप्त करने के लिए पिछले साल अगस्त में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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