नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाली पैकेजिंग के क्षेत्र में स्वायत्त संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग (आईआईपी) इस महीने नई दिल्ली में पैकेजिंग पर दो राष्ट्रीय कार्यशालाओं का आयोजन करेगी। इसमें से एक में पैकेजिंग मटीरियल की टेस्टिंग और क्वॉलिटी कंट्रोल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, जबकि दूसरी कार्यशाला में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट के सामानों तथा खेलकूद से जुड़े सामानों पर चर्चा होगी।
28-29 जुलाई को होने वाले इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले पैकेजिंग मटीरियल की टेस्टिंग और क्वॉलिटी कंट्रोल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पैकेजिंग इस समय देश का सबसे बड़ा और विविध आयामों से जुड़ा क्षेत्र है, जिसकी औसत बढ़ोतरी 15 फीसदी दर्ज की गई है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के निदेशक डॉ. एन. सी. साहा ने कहा कि आईआईपी में हम पैकेजिंग प्रोफेशनल्स का टैलेंट पूल बनाने पर फोकस करते हैं। इसके साथ ही आईआईपी में इंडस्ट्री की पैकेजिंग संबंधी जरूरत के लिए कई आर एंड डी समाधान भी पेश किए जाते हैं। इसके अलावा समय-समय पर अलग-अलग उद्योगों के लिए कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि 2020 तक हम इस इंडस्ट्री से 28 अरब डॉलर के टर्नओवर की उम्मीद करते हैं। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव दिया है कि वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान (आईएनआई) घोषित करे क्योंकि विजन 2014 के तहत यह संस्थान पैकेजिंग करियर बनाने में अहम योगदान दे रहा है।
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