लोगों ने झंडे फहराए और नारे लगाए। एशियाई और यूरोपीय हिस्सों को जोड़ने वाले बोस्फोरस पुल पर हजारों की भीड़ ने ‘तख्तापलट नामंजूर’ लिखे बैनरों को लहराया। यहीं पर शुक्रवार रात सैन्य षडयंत्रकारियोंऔर पुलिस के बीच भारी गोलीबारी हुई थी, जिसमें नागरिकों समेत 30 लोगों की मौत हो गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार रात इसी पुल पर अचानक सैनिक और टैंक नजर आने लगे, जिससे तख्तापलट की कोशिश की शुरुआत का अहसास हुआ। देखते ही देखते, तुर्की के हजारों आम नागरिक घरों से निकल आए और बागियों से भिड़ गए।
राष्ट्रपति रिसेप तइप एर्दोगन बुधवार को देश में तीन माह के आपातकाल की घोषणा कर चुके हैं।
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