नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक पर व्यापार एवं उद्योग जगत के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क (सीबीईसी) के महानिदेशक ने गुरुवार को यह बात कही।
सीबीईसी के महानिदेशक महेंदर सिंह ने कहा, “हम लोगों को व्यापार एवं उद्योग जगत का बड़ी संख्या में प्रतिवेदन मिल रहा है। यह बहुत स्वस्थ प्रक्रिया है और एक आदर्श जीएसटी बनाने में सारे सुझावों एवं विचारों को शामिल किया जाएगा।”
सिंह जीएसटी कानून के मसौदे पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया की ओर से किया गया था।
महेंदर सिंह ने कहा, “जीएसटी पर मिले सुझावों पर विचार किया गया, उन पर चर्चा हुई और विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। इन पर अंतिम रूप से फैसला लेने के बाद इन्हें अंतिम रूप से कानून में शामिल किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत के कुछ वर्गो को यह आशंका है कि उनकी राय पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े देश में जहां विभिन्न तरह के व्यापार के प्रचलन हैं, वहां जिन लोगों को ऐसी आशंका है उसे समझा जा सकता है।
महेंदर सिंह ने कहा, “सीबीईसी के काम का हिस्सा होने के नाते मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि व्यापार एवं उद्योग से मिले प्रत्येक प्रतिवेदन पर चर्चा की गई और उस पर सोच-विचार किया गया।”
उन्होंने कहा कि जीएसटी पर राज्य सरकारों के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग जगत की आशंकाओं एवं सुझावों पर विचार करने के बाद जीएसटी कानून के मॉडल को 14 जून 2016 को सार्वजनिक किया गया था।
उसके बाद भी बड़ी संख्या में प्रतिवेदन एवं सुझाव मिल रहे हैं जो एक बहुत ही स्वस्थ संकेत हैं।
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