नई दिल्ली-एआई के बाद एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) आएगा. लेकिन इंसान अभी भी इसे कई साल दूर है. फ्रेंच-अमेरिकन साइंटिस्ट और डीप लर्निंग की शुरुआत करने वालों में से एक यान लेकन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में ये बात कही है.
65 साल के फ्रेंच-अमेरिकन साइंटिस्ट ने यान लेकन AI के दिग्गज हैं. जिन्होंने न्यूरल नेटवर्क में कई नए काम किए, जो मॉडर्न कंप्यूटर और डीप लर्निंग की नींव बना है. मेटा में काम करने के बाद उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया है जिसका मकसद AI सिस्टम की एक नई नस्ल बनाना है जो असली दुनिया को समझे. साथ ही जिनकी यादाश्त बनी रहे, जो तर्क और योजना बना सकें, और जिन्हें नियंत्रित किया जा सके.
यान लेकन ने कहा, मैं आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहा हूं जो अभी तक AI में चर्चा का विषय नहीं है. वर्ल्ड मॉडल. अगर हम चाहते हैं कि AI सिस्टम असली दुनिया को समझें और इंसानी लेवल की इंटेलिजेंस तक पहुंचें. सिर्फ भाषा, कोडिंग या मैथ में ही नहीं, बल्कि हर चीज में तो हमें ऐसे सिस्टम चाहिए जो दुनिया को सच में सहज स्तर पर समझें, जैसे बच्चे सीखते हैं कि दुनिया कैसे काम करती.
यान लेकन ने आगे कहा, हम हाई-लेवल रीज़निंग की बात नहीं कर रहे हैं बस सामान्य भौतिक समझ और नियंत्रण की. आप यह साफ देख सकते हैं हमारे पास अभी भी ऐसा कोई रोबोट नहीं है जो बिल्ली जैसा काम कर सके.
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