धर्म-अध्यात्म

विजयेंद्र सरस्वती होंगे कांची शंकर मठ के पीठाधीश्वर

कांचीपुरम-कांची शंकर मठ के प्रमुख श्री श्री जयेंद्र सरस्वती के निधन के बाद विजयेंद्र सरस्वती को मठ का नया पीठाधीश्वर बनाया गया है. कांची शंकर मठ का अपना एक इतिहास रहा है. आदि शंकर को मठ के पहले गुरू के रूप में जाना जाता है. मठ की वेबसाइट के अनुसार उनका जन्म 2500 साल पहले 509 ईसा पूर्व में हुआ …

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शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती: संत कभी मरते नहीं

कांचीपुरम-तमिलनाडु के कांचीपुरम में 83 वर्ष की उम्र में इन्होने शरीर छोड़ा स्वामी जी ने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ा और मठ की गतिवधियों का विस्तार समाज कल्याण, ख़ासकर दलितों के शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कार्यों तक किया. उनका जन्म 18 जुलाई 1935 में तमिलनाडु के कांचीपुरम में हुआ था. कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का इस पद …

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उज्जैन: मौनी बाबा को श्रधांजलि

उज्जैन- उज्जैन के तपस्वी व मशहूर संत मौनी बाबा का 108 साल की उम्र में शनिवार सुबह पुणे में इलाज के दौरान निधन हो गया।  १०८ वर्षीय मौनीबाबा के जन्म स्थान, शिक्षा और नाम को लेकर कई किवदंती है, मगर प्रमाणित रूप से बताया गया है कि वे वर्ष 1962 में उज्जैन आए थे। उन्होंने शुरुवात के पांच साल नरसिंह …

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क्वेटो नहीं रजा ये बनारस है – पौराणिक,सांस्कृतिक धरोहर मिटाने का विरोध..रहवासी हुए लामबंद

वाराणसी(धर्मपथ)– महादेव की नगरी वाराणसी ,भारत की आत्मा वाराणसी,सदियों पुराना शहर वाराणसी इसे क्वेटो बनाने का सपना बिना इसे छेड़े पूरा नहीं हो सकता क्या और क्या क्वेटो का महत्त्व वाराणसी से अधिक है बिलकुल नहीं क्वेटो से उसकी सफाई,सुव्यवस्था ली जा सकती है लेकिन वाराणसी के पुराने अस्तित्व को मिटा कर नहीं उसे बरकरार रखते हुए ये विचार मात्र …

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उज्जैन:महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाया महिला ने,पिल्ले ने वस्त्रों की बनायी आचार संहिता तोड़ी दिगंबर दर्शन किये

उज्जैन-महाकाल के मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल सामने आई है.दिव्यांग महिला पर्वतारोही के प्रवेश मसले पर मप्र की काबीना मंत्री ने माफ़ी मांगने जाने की घोषणा की थी अब कुत्ते का पिल्ला ले भीड़ में दर्शन करने को लेकर विवाद गरमा गया है.दरअसल इंदौर की एक महिला जो स्वयं को एक्टर मॉडल बताती है अपने छोटे से कुत्ते के …

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काशी:आध्यात्मिक नगरी में व्यावसायिकता चरम पर

हर-हर महादेव का उद्घोष मैंने सन 1999 में काशी की धरती पर किया था उस समय काशी को देखा था एक-एक गलियां अपनी स्मृति में बसायीं थीं.उसके बाद भी कई मर्तबा आना हुआ लेकिन काशी कितना बदला उस दृष्टि से समय नहीं दे पाया.सन 2017 यानि 18 वर्ष बाद का काशी जब देखने निकला तब ऐसा लगा ही नहीं की …

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माँ गढ़कालिका को असमय शराब चढाने पर पाबन्दी लगायी पीर रामनाथ जी ने,हो रही थी अकाल मौतें

उज्जैन– गढ़ कालिका मंदिर के पुजारियों की अकाल मौतों के चलते पुजारी दल ने भर्तहरी गुफा के महंथ पीर रामनाथ जी से  अनुनय कर इस विपदा से मुक्ति दिलवाने का अनुरोध किया.पीर रामनाथ जी से “धर्मपथ” की बात होने पर उन्होंने बताया की माँ के काली स्वरूप को अष्टमी पर शराब चढाने का विधान है किन्तु कुछ समय से शराब …

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गौ अधिकार रक्षा शहीदों की याद में पूरी शंकराचार्य के नेतृत्व में एकत्र हुए महात्मा

दिल्ली– 07 नवम्बर 1966 में गौ अधिकार रक्षा को लेकर आंदोलनरत गौ सेवा प्रेमियों की गोपाष्टमी के दिन हुई हत्याओं के अवसर के पचास अर्श पूर्व होने के अवसर पर पुरी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में संत महात्मा ,गौरक्षक और गौ भक्त एकत्र हुए. आज से पचास वर्ष पूर्व यह लोमहर्षक काण्ड …

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“नीलकंठ” को बचाया सर्वोच्च-न्यायालय ने

किदवंति है कि स्वयं ब्रहमा ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। शिव पुराण समेत अनेक प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथो में इसका विस्तृत विवरण मिलता है। मान्याताओं एवं किदवंतियों की माने तो आज का विज्ञान जिस काल को प्रागैतिहासिक काल कहता है, यह शिवलिंग उससे भी पुराना है। आज की भाषा में महाकाल को पूरी दुनिया का कोतवाल यानि न्यायकर्ता माना …

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सर्वप्रथम अपने आप से प्रेम करें -स्थापना दिवस पर कहा अघोर पीठ के पीठाधीश्वर ने

वाराणसी-श्री सर्वेश्वरी समूह, पड़ाव में आज श्री सर्वेश्वरी समूह के ५७ वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित गोष्ठी में संस्था के अध्यक्ष पूज्यपाद औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि अघोरेश्वर महाप्रभु ने जो इस संस्था की स्थापना किया है उसका उद्देश्य यही है की हम अपने आप से प्रेम करें और अपने में संवेदनशीलता लायें तभी …

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