धर्म-अध्यात्म

“अगले जनम मुझे वेश्या न कीन्हो”- पाप मुक्ति के लिए सप्तमी पर मणिकर्णिका महाश्मशान पर नृत्य करती हैं वेश्याएं

वाराणसी– मणिकर्णिका महाश्मशान में पंक्तिबद्ध धधकती चिताएं,मातम के मध्य घुँघरू पैरों में बाँध नृत्य करती नगरवधुएं.देश के विभिन्न हिस्सों से वासंतिक सप्तमी के दिन ये नगर वधुएँ यहाँ एकत्रित हो नृत्य करती हैं.  राजा जयसिंह के समय से यह परंपरा चली आ रही है.नगरवधुएं बिना किसी पारश्रमिक के यहाँ निमंत्रण स्वीकार करती हैं एवं नृत्य करती हैं. इनके पीछे कारण …

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हिप्पियों की जीवनशैली जीती है शिवानी दुर्गा-सचिन शुक्ला और सौरभ शुक्ला देते हैं सहयोग

उज्जैन– उज्जैन में मीडिया के माध्यम से अपने आप को प्रचारित करने वाली स्वयंभू अघोर तांत्रिक शिवानी दुर्गा का महाकाल की नगरी में फर्जीवाड़ा सिंहस्थ शुरू होने के पहले ही सामने आ गया.शिवानी धर्म के माध्यम से अपनी दुकानदारी जमाने के चक्कर में थी .वह मीडिया की नस समझती थी की उन्हें खबर के लिए क्या मसाला चाहिए वह उसने …

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आया बैसाखी का पावन पर्व

-डॊं सौरभ मालवीय बैसाखी ऋतु आधारित पर्व है. बैसाखी को वैसाखी भी कहा जाता है. पंजाबी में इसे विसाखी कहते हैं. बैसाखी कृषि आधारित पर्व है. जब फ़सल पक कर तैयार हो जाती है और उसकी कटाई का काम शुरू हो जाता है, तब यह पर्व मनाया जाता है. यह पूरी देश में मनाया जाता है, परंतु पंजाब और हरियाणा …

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रफीक मियां की पगड़ी चढ़े बिना नहीं शुरू होगा सिंहस्थ कुम्भ

उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ का हिस्सा बनने के लिए देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। भले ही कुंभ को 22 अप्रैल को शुरू होना है लेकिन जब तक ग्वालियर में रहने वाले एक मुस्लिम शख्स की भेंट महाकाल के दरबार में नहीं पहुंचेगी तब तक इस महाकुंभ की शुरूआत नहीं की जाएगी। उज्जैन सिंहस्थ-2016 की शुरूआत मोहम्मद रफीक …

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मप्र का राजनैतिक बदलाव और सिंहस्थ का मिथक

सिंहस्थ और अतीत की राजनीति ज्योतिष शास्त्री राजनीतिक उठापटक का सिंहस्थ से पुराना जुड़ाव मानते हैं। अपनी इस बात की पुष्टि के लिए उनके तर्क भी तथ्यपूर्ण प्रतीत होते हैं। 8 दिसंबर 2003 को मप्र में भाजपा ने कांग्रेस को हराकर अपनी सरकार मुख्यमंत्री उमाभारती के नेतृत्व में बनाई। महज चंद माह बाद उज्जैन में अप्रैल-मई 2004 सिंहस्थ का आयोजन …

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रजरप्पा.. जहां होती है बिना सिर वाली देवी मां की पूजा

रांची, 10 अप्रैल (आईएएनएस)| झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिके मंदिर शक्तिपीठ के रूप में काफी विख्यात है। यहां भक्त बिना सिर वाली देवी मां की पूजा करते हैं और मानते हैं कि मां उन भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। मान्यता है कि असम स्थित मां कामाख्या मंदिर सबसे बड़ी शक्तिपीठ है, …

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सिंहस्थ कुंभ में दूसरी पेशवाई निकली

उज्जैन, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 22 अप्रैल से शुरू होने वाले सिंहस्थ कुंभ से पहले मेला परिक्षेत्र में साधु-संतों के समूहों के प्रवेश का सिलसिला जारी है। रविवार को आवाहन अखाड़ा की पेशवाई निकली। इस अखाड़े के साधुओं ने कुंभ क्षेत्र में प्रवेश किया। मान्यता के अनुसार, सिंहस्थ में सबसे पहले साधु-संतों के अखाड़ों का …

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सिंहस्थ कुंभ : साधु-संतों को रियायती दर पर मिलेगी खाद्य सामग्री

उज्जैन, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के उज्जैन में 22 अप्रैल से शुरू होने जा रहे सिंहस्थ कुंभ में साधु-संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। संत समाज को रियायती दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के सरकारी स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। खाद्य नियंत्रक आऱ क़े वाइकर ने बताया कि मेला क्षेत्र में रियायती दर पर सामग्री उपलब्ध …

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माँ – लौकिक एवं अलौकिक स्वरूप

   माँ माता से सम्बंधित है – उस विशिष्ट नारी जाति,निद्रारूपेण(निशा) से,जिसके कृपा-कटाक्ष से सारी पृथ्वी के प्राणी (पुरुष मात्र) मोहित हैं,पुरुष जाति मात्र में जो दुर्बलता है,उसे वह भली-भांति जानती है.इस पुस्तक का उद्धार करने वाली संस्था,श्री सर्वेश्वरी समूह नारी की गरिमा को उजागर करती है.हम एक बात आप लोगों से कह देना चाहते हैं,शैव अवधूत,शाक्त अवधूत,चाहे वैष्णों अवधूत …

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गुरु के प्रति श्रद्धा चिलचिलाती धूप में भी श्रमदान करने की दे रही प्रेरणा- रूस से आयें हैं सर्गेई और साथी

उज्जैन– जहाँ भारतीय जलवायु में जीवन जीने वालों का 35 डिग्री के तापमान में जहाँ शारीरिक श्रम दूभर हो जाता है वहीं ठंडी जलवायु से आये हुए सर्गेई अपनी 15 सदस्यीय टीम के साथ पायलट बाबा के सिंहस्थ कैम्प में आधुनिक संचार-प्रणाली क का शिविर स्थापित करने हेतु जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं . नंगे बदन,चिलचिलाती धूप में यह …

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