खुसुर फुसुर

मप्र:क्या कांग्रेस चुन पाएगी चरित्रवान नेता-प्रतिपक्ष?

(खुसुर-फुसुर)– मप्र में नागरिकों की नजर आगामी चुने जाने वाले नेता-प्रतिपक्ष के पद पर है .मप्र में लगातार हारती कांग्रेस के सामने नेता-प्रतिपक्ष चुनने की जगह सही नेता-प्रतिपक्ष चुनने की जिम्मेदारी ज्यादा है .पूर्व नेता-प्रतिपक्ष अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनका कोई महत्वपूर्ण योगदान कांग्रेस को मिला यह कहा नहीं जा सकता है . आगामी चुनावों को देखते …

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पूर्व प्रशिक्षित भाजपा विधायकों का प्रशिक्षण या असंतोष निर्मूलन?

(खुसुर-फुसुर)– पचमढ़ी की सुकून भरी प्राकृतिक वादियों में भाजपा विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होना और लाखों रूपये खर्च कर देनाआखिर मप्र की जनता के लिए क्या सौगात लाएगा.  पूर्व से ही प्रशिक्षित विधायक दबी जबान में इसे बेमानी मान रहे हैं .अन्दर से जो ख़बरें आयीं और नाम न बताने की शर्त पर जो प्रतिक्रिया आई उसमें सामने आया …

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मप्र का सुशासन v/s मुलाक़ात पर्ची v/s @शिवराज सिंह @नरेन्द्र मोदी

(खुसुर-फुसुर)– मप्र में सुशासन के दावे भरते मुख्यमंत्री को यह ही नहीं पता की अधिकारी जनता से मिलने में परहेज करते हैं .एक शख्स कार्यालय समय में एक अधिकारी से मिलने गया ,पर्ची भेजी लेकिन अधिकारी ने मिलने से व्यस्तता का कह मना कर दियाऔर बाद में आने को कहा ,चूंकि अगले तीन दिन छुट्टी थी इसलिए उस शख्स ने …

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बाला बच्चन का अमर्यादित आचरण चर्चा में

(खुसुर-फुसुर)– मप्र के राजनैतिक हलकों में प्रभारी नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन की कालर भाजपा सांसद द्वारा पकड़ी जाना एवं कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन क्या उचित कदम है ?खुसुर-फुसुर यह है की प्रभारी पद को पूर्ण पद मान बैठे बाला-बच्चन ने अपना कद बढाने के लिए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हंगामा किया जबकि मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा आपत्ति जताए जाने पर उन्हें …

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जनता ने हमें पूर्ण बहुमत दिया है ,हम चाहे जो करें.संजय पाठक मामले पर भाजपा का मत

(खुसुर-फुसुर)– कटनी मामले में भाजपा में कांग्रेस से शामिल हुए मंत्री संजय पाठक को बचाने की पुरजोर कोशिश भाजपा के लिए ही किरकिरी बन गयी है.जांच के नाम पर लीपापोती की यह कोशिश अब बहुत पुरानी हो गयी है ,जनता अब इस प्रक्रिया को समझने की अभ्यस्त हो गयी है. संजय पाठक मामले में ईमानदार पुलिस अधीक्षक का स्थांतरण राजनैतिक …

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दरोगा जो कैमरों से डरते हैं

(खुसुर-फुसुर)– भोपाल के एक थाने में पदस्थ थानाध्यक्ष जी मोबाइल से भय खाते हैं जब भी कोई फरियादी उनके पास आता है उनकी नजर फरियादी के स्मार्ट फ़ोन की तरफ रहती है और कैमराफोबिया से ग्रस्त ये महोदय सबको नसीहत भी देते रहते हैं की थाने में कैमरा लगा हुआ है अतः सावधान.एक खबरनवीस ने उनसे पूछ ही लिया की …

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उमा भारती की मप्र में बढ़ी सक्रियता

(खुसुर-फुसुर)-मप्र की राजनीति क्रिकेट के खेल की तरह चल रही है .जिस तरह खेलते हुए बल्लेबाजों के बाद आने वाला अगला क्रम तय किया जाता उसी तरह मप्र की सत्ता की पिच पर भी बल्लेबाजी करते हुए किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद किसे भेजा जाएगा रणनीतिकार इसके आंकलन में जुट गए हैं और अपनी रणनीति बना रहे हैं …

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मप्र भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष-न पर्स ,न पैसा ये हैं कैशलेस!

खुसुर-फुसुर)– आज मप्र भाजपा युवा मोर्चा का कैशलेस जागरूकता पर एक आयोजन था .युवाओं को कैशलेस होने के गुर सिखाये गए लेकिन जब युवा मोर्चा अध्यक्ष से खबरनवीस ने पुछा की आप के पास कैशलेस होने का क्या उपाय है क्या आप कार्ड का इस्तेमाल करते हैं ?इस प्रश्न को सुन अध्यक्ष जी हडबडा गए और बोल गए की वे …

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मप्र भाजपा युवा मोर्चा-20 पद,500 दावेदार

(खुसुर-फुसुर)– मप्र भाजपा युवा मोर्चा में पद पाने के लिए पैर-पखारने का सिलसिला जोरों पर है ,युवा भाई लोग तो दिल्ली जाने और कदमबोशी कर पद पाने की कवायद जोरों से कर रहे.एक युवा नेता ने पूछने पर बताया भाई साब आप भी कहाँ लगे हैं जैसा देश वैसा भेष ,जब मुखिया इसी तरह बना हो तो उसी रास्ते से …

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आयकर छापे के बाद टूटा भ्रम

(खुसुर-फुसुर)– भोपाल के एक नामी-गिरामी बिल्डर के संस्थान पर आयकर का छापा पड़ा ,पांच दिनों की कड़ी मेहनत के बाद भी विभाग को कुछ नहीं मिला हाँ बिल्डर के संस्थान की फाका-मस्ती जरूर सामने आई.पांच दिन विभाग के अधिकारीयों के साथ गुजारने के बाद अब ये साहब अपने उन दिनों को कोसते फिर रहे हैं जब वे इसके पीछे के …

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