भगवान शिव और पार्वती के पुर्नमिलाप के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्योहार के बारे में मान्यता है कि मां पार्वती ने 107 जन्म लिए थे भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए। अंतत: मां पार्वती के कठोर तप और उनके 108वें जन्म में भगवान ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। …
Read More »प्रशासन
सिर्फ स्त्रियां ही क्यों मनाती हैं तीज?
हरियाली तीज प्रकृति से एकाकार होने का पर्व है। आखिर यह पर्व सिर्फ स्त्रियां ही क्यों मनाती हैं ? जवाब है कि मेल मिलाप का गुण सिर्फ स्त्री के ही पास है। वही प्रकृति की तरह बन सकती है। पुरुष तो अपने अहं में ही उलझा रहता है। स्त्रियां ही तीज का सार समझती हैं। हरियाली तीज ऋतु के चरम …
Read More »सावन के महीने में क्यों होती है नागों की पूजा
भले ही लोग साल भर सांप को देखते ही लाठी डंडे लेकर मारने दौड़ते हों लेकिन सावन एक ऐसा महीना है जब सांपों को मारने की बजाय उनका दर्शन ईश्वर के दर्शन के समान पुण्यदायी माना जाता है। इस महीने में सांप को मारने की बजाय लोग उसे दूध और धान का लावा खिलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि सांपों …
Read More »गौ- घृत के चमत्कारिक फायदे
हम अगर गोरस का बखान करते करते मर जाए तो भी कुछ अंग्रेजी सभ्यता वाले हमारी बात नहीं मानेगे क्योकि वे लोग तो हम लोगो को पिछड़ा, साम्प्रदायिक और गँवार जो समझते है| उनके लिए तो वही सही है जो पश्चिम कहे तो हम उन्ही के वैज्ञानिक शिरोविच की गोरस पर खोज लाये हैं जो रुसी वैज्ञानिक है| गाय का …
Read More »इसे सुनकर बेहोश आदमी भी होश में आ जाता है
राम, श्याम, माधव, गोविंद, अनिमेष आदि में से आपका नाम जो भी हो पर असल नाम कुछ और है। शिकागो स्थित अमेरिकन वैदिक इंस्टीट्यूट के संन्यासी विद्वान स्वामी वेदभिक्षु का कहना है कि अपना वह असली नाम पुकारते ही मनुष्य का तार-तार झंकृत हो जाता है। अभी तक पढ़ा सुना ही जाता था लेकिन इंस्टीट्यूट के शोध अनुसंधान में साबित …
Read More »यह रुद्राक्ष है छात्रों के लिए फायदेमंद
मुख और आकार के अनुसार प्रकृति में कई प्रकार के रुद्राक्ष पाए जाते हैं। सभी रुद्राक्ष की अपनी खूबी होती है इसलिए जरुरी नहीं कि आप जिस उद्देश्य से रुद्राक्ष धारण कर रहे हैं वह रुद्राक्ष उसे पूरा करने में सफल हो। जैसे अगर कोई छात्र गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करता है तो उसे इसका लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि यह …
Read More »तुलसी जयंती: काशी के आंगन में तुलसी का मानस
वाराणसी। धर्म और साहित्य का लालित्य और मर्म आम जन तक पहुंचाने का वह व्यक्तित्व जो अपने आप में समूचा पौराणिक ज्ञान रखता हो वह मानस रचने का जज्बा सिर्फ और सिर्फ तुलसी में ही समाहित दिखता है। पच्ी के ताने से उपजा क्षोभ ईश्वर प्राप्ति और भक्ति के ऐसे रचना संसार की वजह बना जो धर्म और साहित्य जगत …
Read More »आज का मंगलवार इसलिए है खास
मंगल को वैवाहिक जीवन के लिए अमंगलकारी माना जाता है क्योंकि कुण्डली में मंगल की विशेष स्थिति के कारण ही मंगलिक योग बनता है जो दांपत्य जीवन में कलह और विभिन्न समस्याओं का कारण बनता है। मंगल की शांति के लिए मंगलवार का व्रत और हनुमान जी की पूजा को उत्तम माना जाता है। लेकिन अन्य दिनों की अपेक्षा सावन …
Read More »मानव शरीर में परमात्मा का सच्चा प्रतिनिधि
छान्दोग्य उपनिषद् का मुख्य विषय ओ३म् का उच्चारण है। उपनिषद् की कथा के अनुसार देवताओं ने जब नासिका की घ्राण शक्ति को ओ३म् का प्रतीक मानकर उसकी उपासना करने की सोची तो असुरों ने उस घ्राण शक्ति को बींध दिया। पाप से बींध जाने के कारण घ्राण शक्ति में सुगन्ध और दुर्गन्ध दोनों को सूंघने का काम शामिल हो गया। …
Read More »खास है आज का सोमवार, करलें शिव को प्रसन्न
शिवरात्रि पर चंद्रमा की प्रधानता अद्भुत संयोग है। जिसके कारण इस बार शिवरात्रि का महत्व कई गुना बढ़ गया है। सोमवार चंद्रमा का दिन है साथ ही वह इसी दिन कर्क यानी अपनी राशि में प्रवेश करेगा। इससे चंद्रमा अधिक प्रबल रहेगा और जलाभिषेक करने पर लोगों को अधिक मानसिक शांति प्राप्त होगी। शिवरात्रि पांच अगस्त की है। शिवरात्रि चतुर्दर्शी …
Read More »
dharmpath.com dharmpath