पेड़-पौधे न सिर्फ घर को आकर्षक बनाते हैं बल्कि परिवार के लिए पहरेदार की भूमिका भी निभाते हैं। कभी-कभी तो वे अभिभावक की तरह भी घर वालों की रक्षा करते हैं। बीते जमाने में घर आंगन में नीम, आम, आंवला, अनार आदि के पेड़ लगाए जाते थे। अब जगह की कमी पड़ती है। घर आंगन गायब हो रहे हैं। आमतौर …
Read More »प्रशासन
जप में महाशक्ति विद्यमान है
जाप और जप में अंतर है। जाप एक निश्चित उद्देश्य सहित कारण और अवधि के अंतर्गत होता है। यह कर्मकांड की तरह भी हो सकता है। यद्यपि इसे प्रचलित मान्यता समझना चाहिए, न कि निर्धारित व्याख्या। फिर भी कभी-कभी ये दोनों समानार्थक कहे जाते हैं, सामान्यत: ऐसा अंतर प्रकट नहीं होता। जप एक निरंतर प्रक्रिया है। जप योग वस्तुत: आत्मा …
Read More »शिवकृपा से काम, क्रोध और लोभ पर विजय संभव
गया। त्रिपुरासुर नामक दैत्य का संहार अत्यंत कठिन था। उसे वरदान प्राप्त था कि उसका अंत तभी होगा जब उसके द्वारा आकाश में निर्मित तीन नगरों (पुरों) पर कोई एक ही साथ प्रहार करने में सफल हो। अंततोगत्वा यह कार्य भगवान शंकर को सौंपा गया तथा त्रिपुरासुर का संहार करने के कारण उन्हें ‘त्रिपुरारी’ कहा जाने लगा। श्री साईं चरणानुरागी …
Read More »सुधारना है तो स्वयं को सुधारो
गीताकार ने अर्जन को और उनके माध्यम से मानव को प्रेरणा दी है कि अपना उद्धार स्वयं करें। अपनी समृद्धि के लिए स्वयं तत्पर, उद्यत हों। अपने उत्थान और पतन की जिम्मेदारियां स्वयं वहन करें। यदि जीवन में हमें ऊंचा उठना है तो हमें स्वयं ही पुरुषार्थ करना होगा। शक्तियों का स्नोत हमारे भीतर है। जब हमारा आत्मबल बढ़ता है …
Read More »आज है पवित्रा एकादशी, जानें इसकी खास बातें
आज श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इस एकादशी को पुराणों में पवित्रा एकादशी नाम दिया गया है। इस एकादशी के विषय में मान्यता है कि, जो भी व्यक्ति श्रद्घा और नियम पूर्वक इस व्रत का रखता है उसके पूर्व जन्म के पाप कट जाते हैं और संतान एवं धन-संपदा का सुख प्राप्त होता है। एकादशी व्रत …
Read More »इसलिए मंत्रों का चुनाव करते समय सावधानी जरूरी है
मंत्रों और स्तोत्रों का कोई अर्थ नहीं होता। अर्थ किया भी जाए तो उसका कोई मूल्य नहीं है। क्योंकि मंत्रों और उनसे मिलकर बने स्तोत्रों के अर्थ तो बहुत सामान्य होते हैं। प्रार्थना को ही उद्देश्य समझें तो मंत्रों या स्तोत्रों के अर्थ से ज्यादा भाव भरी प्रार्थनाएं रची जा सकती है। उनके अर्थ मंत्रों के अर्थ से ज्यादा गंभीर …
Read More »खास है आज का शुक्रवार, कर लें लक्ष्मी माता को प्रसन्न
लक्ष्मी माता की कृपा पाने के लिए दीपावली तक भला क्यों इंतजार करें। जब लक्ष्मी माता की कृपा आज ही प्राप्त हो सकती है। आज सावन मास के शुक्ल पक्ष का अंतिम शुक्रवार है। स्कंद पुराण में इस दिन को महालक्ष्मी के पूजन का दिन बताया गया है। आज के दिन व्रत रखकर गणेश और लक्ष्मी की पूजा करने से …
Read More »कलियुग में हुए राम लक्ष्मण के दर्शन
भगवान राम के दर्शन आज भी हो सकते हैं। लेकिन जरूरत है तो ऐसी भक्ति और श्रद्घा की जैसी भक्ति भावना तुलसीदास में थी। इसी भक्ति और आस्था के बल पर तुलसीदास जी ने कलियुग में भगवान राम और लक्ष्मण जी के दर्शन प्राप्त किए थे। तुलसीदास जी के विषय में जो साक्ष्य मिलते हैं उसके अनुसार इनका जन्म 1554 …
Read More »आज के दिन अवतार लेंगे कल्कि भगवान
भगवान विष्णु के अब तक नौ अवतार हो चुके हैं और दसवें अवतार की प्रतीक्षा चल रही है। पुराणों में भगवान के दसवें अवतार की जो तिथि बतायी गयी है उसके अनुसार भगवान सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को जन्म लेंगे। यह पावन तिथि इस वर्ष आज है। श्रीमद्भागवत पुराण के बारहवें स्कंद में लिखा है कि …
Read More »आंखों से गिरा आंसू बन गया सांप
नाग हमारे शरीर में मूलाधार चक्र में स्थित हैं। उनका फन सहस्रार चक्र है। लिंग पुराण के अनुसार सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा ने उग्र तपस्या की। परिणाम नहीं मिला तो हताशा में उनकी आंखों से आंसू आ गए। आंसू की वहीं बूंदें सर्प बन गई। सर्पों के साथ कोई अन्याय न हो इसलिए तिथियों का बंटवारा करते समय …
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