पेइचिंग: चीन के नए प्रेजिडेंट शी जिनपिंग ने भारत से रिश्ते सुधारने के लिए मंगलवार को पांच पॉइंट वाले फॉर्म्युले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद का हल निकालना इतना आसान नहीं होगा, लेकिन इसके पूरी तरह निपट जाने तक सरहद पर अमन-चैन कायम रहना चाहिए।
मनमोहन मिलना का मन :
शी ने भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती देने के साफ संकेत दिए। उन्होंने अगले हफ्ते डरबन में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने की इच्छा भी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि 2.5 अरब की संयुक्त आबादी वाले भारत और चीन को विकसित देशों के अधिकारों और हितों के सेफगार्ड के लिए आपसी सहयोग करना होगा।
शी ने कहा कि चीन भारत से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को काफी अहमियत भरी नजरों से देखता है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ सीमा को लेकर चल रहा विवाद काफी जटिल है और इसका समाधान निकालना कोई आसान काम नहीं है। हालांकि हम अगर लंबे समय तक दोस्ताना रिश्ते रखेंगे तो इसका एक ऐसा उचित हल निकल सकता है जो दोनों देशों के लिए मंजूर करने वाला होगा।
चीन के नए प्रेजिडेंट ने ये बातें उस सवाल के जवाब में कहीं, जिसमें उनसे पूछा गया था कि भारत को लेकर उनकी नीति क्या होगी और क्या सीमा से जुड़े मसले पर इसमें कोई बदलाव होगा?
क्या है विवाद : भारत का दावा है कि चीन के साथ 4 हजार किमी एरिया को लेकर विवाद है। वहीं, चीन का दावा है कि वह अरुणाचल के केवल 2 हजार किमी के उस एरिया तक सीमित है जो दक्षिणी तिब्बत का है।
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