नई दिल्ली:पिछले गुरुवार को हुई एक निवेश समिति की बैठक में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Securities and Exchange Board of India – SEBI) ने EPFO की सालाना नई प्राप्तियों का 3% तक हिस्सा कैटेगरी I और कैटेगरी II AIFs में निवेश करने के प्रस्ताव पर चर्चा की है। इस कदम से यह बदलाव आ सकता है कि रिटायरमेंट फंड संस्था कर्मचारियों की बचत का निवेश कैसे करती है। इससे उसे अपने पारंपरिक डेट इंस्ट्रूमेंट्स (कर्ज-आधारित निवेश) से हटकर, स्टार्टअप्स और विकास-उन्मुख (growth-oriented ) अन्य निवेशों में पैसा लगाने का मौका मिल सकेगा। यह प्रस्ताव अब नवंबर में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज) के समक्ष रखा जाएगा। इसकी अध्यक्षता श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया करेंगे। यह घटनाक्रम सितंबर में ‘डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड’ (DPIIT) की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद सामने आया है। इसमें हाल ही में शुरू किए गए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ में EPFO की भागीदारी मांगी गई है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस प्रस्ताव से AIFs में निवेश को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) में निवेश करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। सरकार ने पांच साल पहले ही इस रिटायरमेंट संस्था को इन हाई-ग्रोथ एसेट क्लास और स्टार्टअप्स में निवेश करने की मंजूरी दे दी थी।एम्प्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) बेहतर पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के लिए ‘अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स’ (AIF) में निवेश करने के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत, इन फंड्स में आने वाली सालाना नई राशि का 3% तक हिस्सा निवेश किया जा सकता है।
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