कोलकाता-लोकप्रिय धीरेंद्र कृष्ण गर्ग (जिन्हें धीरेंद्र शास्त्री के नाम से भी जाना जाता है) ने रविवार को हावड़ा ज़िले के लिलुआ में दुर्गा पूजा के दौरान हिन्दुओं से शाकाहारी भोजन करने की अपील की थी.धीरेंद्र शास्त्री की इस अपील को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद हो गया है. विपक्षी पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि प्रदेश की बीजेपी सरकार बंगाल की संस्कृति को अपमानित कर रही है.
पश्चिम बंगाल बीजेपी की स्टेट यूनिट के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बिना उस अपील को ख़ारिज कर दिया.धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले के लिलुआ में तीन दिवसीय हनुमंत कथा में शामिल होने आए थे.
शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के एक ऑडिटोरियम सौजन्य में उनके लिए डिनर आयोजित किया था.रविवार को लिलुआ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था, “कृपया बुरा मत मानिए, लेकिन पश्चिम बंगाल की एक बात मुझे पसंद नहीं है. नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों के पास नॉन-वेज खाना खाया जाता है. तरह-तरह का गंदा खाना बनाया जाता है.”
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूँ कि आने वाली नवरात्रि में हर हिंदू जागे और ऐसे लोगों को बाहर निकाले. वे पवित्र नहीं हैं. वे धर्म का अपमान कर रहे हैं.”इस वीडियो के वायरल होने के बाद बंगाली हिंदुओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. यह घटनाक्रम विश्व हिंदू परिषद के 26 अगस्त को दिए उस बयान के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसमें कहा गया था कि दुर्गा पूजा पंडालों से नॉन-वेज खाना दूर रखा जाना चाहिए.
पश्चिम बंगाल बीजेपी एक बार फिर से बंगालियों के खाने को लेकर विवाद में घिर गई है.
इससे पहले मई में विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं को या तो मछली के साथ प्रचार करना पड़ा था या सार्वजनिक रूप से मछली खानी पड़ी थी, ताकि उस समय सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इस प्रचार का मुक़ाबला किया जा सके कि बीजेपी के सत्ता में आने पर बंगालियों को शाकाहारी बनने के लिए मजबूर किया जाएगा. भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी कभी कोई फरमान जारी नहीं करेगी.
भट्टाचार्य ने कहा, “पश्चिम बंगाल में लोग क्या खाएंगे और क्या पहनेंगे, इस पर हमें कुछ नहीं कहना है. बंगाली वही करेंगे जिसके वे आदी हैं. जो लोग धोती पहनना चाहते हैं, वे धोती पहनेंगे. जो लोग लुंगी पहनना पसंद करते हैं, वे लुंगी पहनेंगे. बंगाली मछली कैसे नहीं खा सकते? यह बात लगातार चलती जा रही है. कोई बाहर से आकर यहाँ क्या कहता है, इसकी चिंता क्यों करें?”वित्त मंत्रालय में 2017 से फ़रवरी 2022 तक प्रधान आर्थिक सलाहकार रहे संजीव सान्याल ने भी धीरेंद्र शास्त्री की अपील का विरोध किया है.
सान्याल ने एक्स पर लिखा है, ”मांस शाक्त हिंदू धर्म का एक अहम हिस्सा है. प्राचीन परंपराओं के तहत इसे मां दुर्गा और मां काली को चढ़ाया जाता है. दुर्गा पूजा में नवमी और दशमी के दिन श्रद्धालु जो प्रसाद खाते हैं, उसमें मांस भी शामिल होता है. इस पवित्र परंपरा में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
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