भोपाल-प्रदेश में आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों को अब पर्यटन स्थलों की जानकारी के लिए भाषा की परेशानी नहीं होगी। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर एआई आधारित डिजिटल टूरिज्म असिस्टेंट स्थापित करेगा।
‘नीवू एआई’ नाम का यह डिजिटल गाइड 130 भारतीय और विदेशी भाषाओं में बातचीत कर सकेगा। पर्यटक आवाज और टेक्स्ट के जरिए अपनी भाषा में स्थल का इतिहास, धार्मिक महत्व, परिवहन और होटल संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। या पर्यटन स्थल के लिए निर्धारित क्यूआर कोड स्कैन कर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसी महीने भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश टूरिज्म मार्ट के दौरान इस परियोजना के लिए एक्सप्लरजर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू किया गया है।
पहले चरण में जनवरी 2027 तक प्रदेश के 50 पर्यटन स्थलों पर इसे स्थापित करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों तक इसका विस्तार किया जाएगा। पूरी परियोजना में करीब तीन साल लगेंगे। कंपनी ने महत्वपूर्ण स्थलों का सर्वे शुरू कर दिया है। वर्ष 2028 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान भी इसका उपयोग होगा।
चुने हुए पर्यटन स्थलों पर क्यूआर कोड वाले बोर्ड और कियोस्क लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउजर पर जानकारी उपलब्ध होगी। इसके लिए एप डाउनलोड करने, पंजीकरण कराने या भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल गाइड पर्यटकों को उनकी रुचि के अनुसार यात्रा सुझाव और कस्टमाइज टूर प्लान भी देगा।
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