MP पर्यटन विकास निगम में 80 लाख रुपए का घोटाला

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की विंड्स एंड वेव्स एवं बोट क्लब इकाई में 80 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। भोपाल के बोट क्लब में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के नाम पर यह हेराफेरी हुआ है। मामला सामने आने के बाद पर्यटन विभाग के अफसर एक्टिव हुए और दो व्यक्तियों को बर्खास्त कर उनकी शिकायत क्राइम ब्रांच में दर्ज करवाई गई। शिकायत पर जांच करने के बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया हैं।

मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल स्थित वोट क्लब पर बंद पड़े प्रिंसेस क्रूज पर फ्लोटिंग रेस्टोरेंट खोलने की योजना बनाई गई थी। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के लिए हजारों रुपए का सामान लाखों रुपए की राशि देकर खरीदा गया। जांच में सामने आया कि यहां 15 हजार का पानीपुरी का काउंटर 2 लाख 95 हज़ार रुपए में खरीदा गया, 65 हजार की स्नैक्स ट्रॉली 4 लाख 13 हजार में खरीदी गई, 50 हजार कीमत का आयरन पॉट 2 लाख 86 हजार 209 रुपये में खरीदा गया।

इतना ही नहीं 37 हजार का आईसी काउंटर 3 लाख 18 हजार 600 में खरीदा गया है। अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की सभी हदों को पार करते हुए ऐसे-ऐसे कई बिल लगाएं हैं। यह पूरा घोटाला 80.82 लाख रुपए का है, जिसमें से पहले चरण में 22 लाख 37 हजार रुपए निकाल लिए गए। मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरूप और इकाई प्रभारी अरविंद शर्मा दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही क्राइम ब्रांच ने भी इनपर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

जांच में यह भी पता चला है कि 80.82 लाख रुपए में 72 आइटम्स खरीदना बताए गए थे। जबकि इनमें से सिर्फ 32 आइटम ही मिले हैं और 40 गायब हैं। इतना ही नहीं, खरीदी कोटेशन के नाम पर छोटे-छोटे बिलों में बांटकर यह खरीदी की गई। 80.82 लाख में से 22 लाख 37 हजार रुपए के बिल जारी करवा लिए गए। बाकी राशि जारी होती उससे पहले ही उनकी करतूत पकड़ में आ गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरूप और इकाई प्रभारी अरविंद शर्मा ने बिना मुख्यालय की अनुमति के करीब 80.82 लाख की सामग्री खरीदी की। जबकि इन्हें केवल 5 लाख तक की खरीदी का अधिकार था। पर्यटन विभाग के एमडी इलैया राजा टी ने मीडिया को बताया कि पूरे मामले की जांच करने के बाद दो अधिकारियो को निलंबित कर क्राइम ब्रांच को शिकायत की गई थी। इन्होंने जो कोटेशन लगाएं थे वह जांच में पकड़े गए थे। लिस्ट के हिसाब से जो समान बताया गया था उसमे से बहुत समान मिसिंग भी था। आरोपियों ने पर्यटन विकास निगम को 11 लाख 41 हजार 151 रुपए की वित्तीय हानि पहुंचाई। इसमें अब आगे एक्शन के साथ रिकवरी भी की जाएंगी।

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