in(खुसुर-फुसुर)- कांग्रेस अध्यक्ष का समयबद्ध कार्यक्रम अभी से रंग दिखाने लगा है।पत्रकारों से मिलने का उनका पूर्व निर्धारित और संस्थान का वजन देख समय तय होता है।उनके मुलाकाती कक्ष में प्रवेश सहज नहीं है।पत्रकारों को भी उनसे मिलने के पूर्व उनके निवास से अनुमति पर्ची लेनी पड़ती है।खुसुर-फुसुर यह है कि महोदय के अभी से यह हाल है तब जीतने के बाद क्या होगा यह दिखने लगा है वैसे कुछ लोग इसे उचित प्रबंधन मान रहे हैं लेकिन चुनावी समय मे सुरक्षाकर्मियों के घेरे में जनता एवं पत्रकारों से प्रबंधन करते अध्यक्ष क्या संदेश दे पाएंगे यह भविष्य के गर्त में है।
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