पाकिस्तान:आसिया बीवी को मिली ईश निंदा के आरोप से मुक्ति

FB_IMG_1540995817136पाकिस्तान में आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोप से सुप्रीम कोर्ट ने मुक्ति दे दी। 8 वर्ष के लंबे संघर्ष के पश्चात अब वो ईशनिंदा कानून से मुक्त हो गई हैं। उनको प्राणदंड दिया गया था।

उन पर आरोप था कि उन्होंने मुहम्मद साहब के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्यों से पता नहीं चलता कि उन्होंने कोई प्रतिकूल टिप्पणी की थी।

उनकी पहली अपील नकार दी गई थी लेकिन पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने 2015 से ही उनके दंड पर अवरोध लगा रखा था। उनके अधिवक्ता सैफुल मलूक ने अभी हाल ही में कहा था कि उनके विवाद में साक्ष्यों की कमी है और वो छूट जायेंगी।

5 बच्चों की माँ आसिया बीबी 2009 में तब बंदी बनाई गई थी जब वो अपने मुस्लिम सहयोगी से लड़ पड़ी थी। सहयोगी ने उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। पाकिस्तान में मुहम्मद या अल्लाह के बारे में कुछ भी कहना सुनना मना है और इसका दंड बहुत कठोर है। अपराधी को या तो मृत्युदंड मिलता है या आजीवन कारावास।

आसिया बीबी का समर्थन करने वाले अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और एक गवर्नर को कट्टर जेहादियों ने 2011 में मार डाला था। आज भी कुछ उदार नागरिक उनकी कब्र पर जाते हैं।

वास्तव में ये इसाई संगठन थे जिन्होंने आसिया बीबी को बचाया है। पूरे विश्व के ईसाई संगठनों ने पाकिस्तान की आलोचना की और एड़ी चोटी का जोर लगा दिया कि उन्हें दंड न मिले। उसी का प्रतिफल सामने है।

एक प्रश्न उठता है कि यदि आसिया बीबी हिन्दू होती तो क्या तब भी वो बच पाती ? क्या तब भी विश्व भर के संगठन ऐसे ही मुखर होते ? प्रश्न अनुत्तरित नहीं है, इस प्रकार के प्रकरण में देखा गया है कि हिंदुओं को सहयोग नहीं मिलता।

खैर अभी भी कट्टर जेहादी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं और आसिया के बाहर आने पर भी जीवन सरल नहीं होगा। पता नहीं कब कौन आत्मघाती अल्लाह के शबाब के नाम पर उनका रेप कर दे या जान से मार दे।

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