अनिलसिंह(धर्मपथ)– सीधी जिले से लौटकर– पिछले दिनों खबर आई की सीधी में किसी वनकर्मी को जला दिया गया है कारण जानने हम पहुंचे सीधी जिले की चितरन्गी तहसील के गढ़वा थाने के अंतर्गत आने वाली संजय गाँधी राष्ट्रीय अभ्यारण्य के सोन घडियाल रिज़र्व की देवेरा वन चौकी पर.
दरअसल वन -क्षेत्रपाल फुलेल सिंह और खनन माफिया पिंटू सिंह की दोस्ती बहुत पुरानी है ,पिंटू सिंह की पास ही में ससुराल है तथा वह वाराणसी का निवासी है,वह यहाँ सरलता से हो रहे इस फायदेमंद व्यवसाय का भागीदार बन गया.इसी गांव का एक व्यक्ति अष्टभुजा सिंह जो की पेशे से गांव में ही शिक्षक है का बेटा इसी गांव का सरपंच है यह व्यक्ति भी अपने इलाके में खनन का अवैध कारोबार करता है जब पिंटू इस पेशे में घुसा तब यह बात अष्टभुजा सिंह को अपने अधिकार क्षेत्र में नागवार गुजरी और उसने समय मिलते ही पुलिस की मदद से पिंटू और पाण्डेय नामक व्यक्ति के ट्रॅक्टर जब्त करवा दिये ,पिंटू का एक और पाण्डेय के दो ट्रॅक्टर राजसात हुए हैं.इसी ट्रॅक्टर को किसी प्रकार छुडवाने हेतु पिंटू नें फुलेल को साधना शुरू किया ,इसी तारतम्य में वह फुलेल को लेकर अपनें पुश्तैनी गांव भी गया जहां फुलैल की खूब खातिर की गयी.घटना की रात फुलैल और पिंटू ने खूब शराब पी जो की देवरा चौकी में ही किया गया वहां नशे में किसी बात पर झगड़ा होने पर दोनों में (asthbhuja singh )झगड़ा हुआ और ये दोनों थक हार कर वहीं गिर गये और रात भर वहीं पड़े रहे,नशे में इन्हें यह भी होश नहीं रहा की ये चूल्हे की आग पर पड़े हुए हैं और इनके कपड़े भी कुछ जल गये.
इस यात्रा में हमने और भी कई खबरें प्राप्त की जिसमें महिला और बाल विकास की मध्यान्न भोजन योजना,सूदा में निकली सोने की खदान ,रिलायंस की बिजलीघर की परियोजना आदि ऐसी खबरों का खुलासा है जो हम आपके सामने पेश करेंगे,इस खबर को लेने जाने में हमारे मित्र विभाग जनसंपर्क का सहयोग ना देना दुखदायक रहा,अधिकारियों ने सिंगरौली में वाहन उपलब्ध करवाने से मना कर दिया हाँ किसी के घूमने फिरने ,शादी-ब्याह,तेरहवीं में शामिल होने के लिये गाड़ियों का काफिला पेश करने में उसे कोई गुरेज नहीं…….आगे और भी है
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