इंदौर-मध्य प्रदेश में “हनीट्रैप-2026” की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने इस मामले में संलिप्त लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में भाजपा मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष रेशू उर्फ अभिलाषा और इंटेलिजेंस शाखा के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसियों को हनी ट्रैप की मुख्य आरोपी रेशू के दिल्ली में एक केंद्रीय राज्य मंत्री से करीबी संबंधों की भी जानकारी मिली है। दोनों को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के बंगले पर पेश किया गया। वहां से कोर्ट ने उन्हें 25 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस हाई प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों ने भी इंदौर पुलिस से पूरे केस की जानकारी जुटाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नेटवर्क में कई नेता, अफसर और बड़े कारोबारी जुड़े होने की आशंका है। अब तक इस केस में कथित लेडी तस्कर अलका दीक्षित, लाखन चौधरी, जयदीप, जितेंद्र पुरोहित और मास्टरमाइंड श्वेता जैन समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच में सामने आया है कि भोपाल के चर्चित हनी ट्रैप-1 मामले की मुख्य आरोपी श्वेता जैन के साथ मिलकर रेशु उर्फ अभिलाषा कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थी।
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