Friday , 19 April 2019

Home » भारत » तिब्बत में मानवाधिकार के बिगड़ते हालात : रपट

तिब्बत में मानवाधिकार के बिगड़ते हालात : रपट

धर्मशाला, 8 फरवरी (आईएएनएस)। चीन सरकार के सुधार के वादे के बावजूद तिब्बत में मानवाधिकारों के हालात बिगड़ रहे हैं।

गैर सरकारी संगठन तिब्बतन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी (टीसीएचआरडी) की रविवार को जारी वाíषक रपट में यह बात सामने आई है।

टीसीएचआरडी की रपट के अनुसार, तिब्बत में मानवाधिकारों के हालात बिगड़े हैं, विशेषकर हिरासत में होने वाली मौत, एक साथ कई लोगों को दिए जाने वाले दंड और लोगों को एक जगह इकट्ठे होने पर लगे प्रतिबंध लगाने की संख्या में वृद्धि हुई है।

रपट के मुताबिक, जेल में बंद तिब्बती नागरिकों के साथ अत्याचार हो रहा है, उनके साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें स्वास्थ्य सेवा से वंचित रखा जा रहा है।

वार्षिक रपट के मुताबिक, “2014 में तिब्बती नागरिकों की मौत में वृद्धि की वजह हिरासत में प्रताड़ना रही है।”

टीसीएचआरडी के अधिशासी निदेशक शेरिंग सोमो ने तिब्बत में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के क्षेत्र की नियमित समस्या को रेखांकित किया है।

उन्होंने कहा कि तिब्बत में आधिकारिक जनगणना ने चौंका देने वाले आंकड़े पेश किए हैं, जिसके अनुसार, तिब्बत में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के हालात में गिरावट दर्ज की गई है।

206 पृष्ठों की रपट तिब्बत में नागरिक और राजनीतिक अधिकारों के उल्लंघन, निजता के अधिकार के उल्लंघन और आíथक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा और तिब्बती खानाबदोशों के पुनर्वास से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित है।

तिब्बत में मानवाधिकार के बिगड़ते हालात : रपट Reviewed by on . धर्मशाला, 8 फरवरी (आईएएनएस)। चीन सरकार के सुधार के वादे के बावजूद तिब्बत में मानवाधिकारों के हालात बिगड़ रहे हैं। गैर सरकारी संगठन तिब्बतन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट धर्मशाला, 8 फरवरी (आईएएनएस)। चीन सरकार के सुधार के वादे के बावजूद तिब्बत में मानवाधिकारों के हालात बिगड़ रहे हैं। गैर सरकारी संगठन तिब्बतन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट Rating:
scroll to top