नई दिल्ली-हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग भगवा बनाने के अपने ‘विवादित’ फैसले को बदल दिया है. जापान में होने वाले एशियन गेम्स में पुरुष और महिला दोनों टीमें अपनी पारंपरिक नीली जर्सी में खेलती नजर आएंगी. यह फैसला नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए FIH हॉकी वर्ल्ड कप में ‘भगवा किट’ को लेकर हुए आलोचनाओं के कुछ हफ्ते बाद आया है. हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट से पहले अपनी पुरानी नीली जर्सी को भगवा कर लिया था. इसके लिए उसने नीली टर्फ पर विजिबिलिटी को लेकर तकनीकी चिंताओं का हवाला दिया था. हालांकि, इस बदलाव की भारत के कई पूर्व कप्तानों ने आलोचना की और फेडरेशन के अंदर भी विवाद खड़ा हो गया था.
जब टीमें एशियन गेम्स की तैयारी कर रही हैं तो नीला रंग एक बार फिर पहली पसंद होगा. वहीं, भगवा रंग दूसरा विकल्प बना रहेगा. हॉकी इंडिया के ट्रेजरर शेखर मनोहरन के हवाले से TOI ने मंगलवार (सितंबर, 08,2026) को कहा, ‘इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने हमसे किट के लिए हमारी पसंद पूछी और HI ने पहली पसंद नीला बताया है, जबकि दूसरा रंग भगवा होगा.’हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को इस बदलाव की घोषणा की थी और कहा था कि यह फैसला खिलाड़ियों और कोचों से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया था. फेडरेशन के मुताबिक, नीले टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से मैदान पर दिखने में दिक्कत हो सकती है, जबकि पीली और नारंगी जर्सी संभावित विकल्प के तौर पर सामने आई थीं. आखिरकार भगवा रंग इसलिए चुना गया, क्योंकि यह भारतीय राष्ट्रीय झंडे से जुड़ा है. हालांकि, यह कदम जल्द ही विवादों में आ गया. परगट सिंह, धनराज पिल्लै, अजीत पाल सिंह और वीरेन रसकिन्हा जैसे पूर्व भारतीय कप्तानों ने उस रंग से हटने के फैसले पर सवाल उठाया जो लंबे समय से भारतीय हॉकी से जुड़ा हुआ था.
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