अबू धाबी-ईरान और इजराइल मिडिल ईस्ट में एनर्जी फैसिलिटीज पर हमला कर रहे हैं. इससे क्रूड ऑयल और गैस के दाम नियंत्रित करने की सभी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं. संघर्ष शुरू होने के 20वें दिन तक यह युद्ध अब भयानक आर्थिक युद्ध में बदल गया है.
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स अपतटीय गैस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर हुए हमला किया. साथ ही ईरान बुशेहर प्रांत के असलूयेह स्थित ऑनशोर हब पर भी हमले किए गए हैं. इसके जवाब में ईरान ने कतर और सऊदी अरब में ऊर्जा सुविधाओं को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाया है.
कतर में बुधवार रात मिसाइलों से ‘भारी नुकसान’ हुआ. वीडियो में रास लफान जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस संयंत्र है और सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाके होते दिखे. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित ऊर्जा स्थलों को खाली करा लिया गया था. तेहरान ने चेतावनी दी थी कि वह ‘आने वाले कुछ घंटों’ में इन जगहों पर हमला करेगा.
अबू धाबी के अधिकारियों ने मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद गिरे मलबे की चपेट में आने के कारण, अपने दो ठिकानों – हबशान गैस सुविधा और बाब तेल क्षेत्र – पर काम रोक दिया है.
ईरान ने नई धमकी में मध्य-पूर्व के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करके ‘बड़े पैमाने पर आर्थिक युद्ध’ छेड़ने की बात कही है. ईरान ने चेतावनी दी कि ये ऊर्जा केंद्र अब सीधे और वैध निशाने बन गए हैं, और आने वाले कुछ घंटों में इन्हें निशाना बनाया जाएगा.
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