नई दिल्ली-कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट के आरोप में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार 4 सितंबर को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र को यूपी के बुलंदशहर से पकड़ा। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब CJP के प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मामला उस समय और बढ़ गया, जब एक इंटरव्यू का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें खुद को “कट्टर हिंदू” बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने निशु के पिता संजय कुमार का “सिर फोड़ दिया” था। उन्होंने कथित अपराध की गंभीरता के बावजूद जेल से बच निकलने की बात भी कही और इसे लेकर डींगें मारते नजर आए।
एक पॉडकास्ट के वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 लग सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय कुमार को 60 टांके लगे थे और उन्हें गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया था। वीडियो में भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि संजय की बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी होकर अपने पिता को न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्हें जेल नहीं हुई और वह पूरी रात बाहर घूमते रहे।
हमले के बाद से CJP लगातार आरोप लगा रही थी कि दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में नाकाम रही। CJP का कहना था कि जब भारद्वाज के वीडियो सामने आ चुके हैं, तो पुलिस को मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसी मांग को लेकर संगठन के नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया।
CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रंका कई समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके साथ सांसद चंद्रशेखर आज़ाद (ASP) और पप्पू यादव भी मौजूद थे। सभी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थाने के बाहर मौजूद रहे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से निशु आज़ाद के समर्थन में ‘X’ पर पोस्ट किए जाने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि निशु और उनके परिवार को दलित होने की वजह से भी निशाना बनाया गया।
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