वाशिंगटन-ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिका को अपने बेहद अहम हथियार MQ-9 रीपर ड्रोन के मोर्चे पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने युद्ध के दौरान कम से कम 45 MQ-9 रीपर ड्रोन गंवा दिए हैं. यह संख्या अमेरिका के युद्ध से पहले मौजूद रीपर ड्रोन बेड़े का करीब 25 फीसदी है. इससे अमेरिका को करीब 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है.
द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने रीपर ड्रोन के नुकसान की जानकारी दी है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कुछ रीपर ड्रोन कम्युनिकेशन लिंक में खराबी आने के बाद दुर्घटनाग्रस्त भी हुए. इसलिए 45 ड्रोन के नुकसान को सीधे-सीधे 45 ड्रोन के ईरानी हमले में मार गिराए जाने के तौर पर देखना सही नहीं होगा.फिर भी इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन का नुकसान अमेरिका के लिए गंभीर माना जा रहा है.
28 फरवरी 2026 को जंग शुरू होने से पहले अमेरिकी सेना के पास करीब 185 MQ-9 रीपर ड्रोन थे. इनमें लगभग 165 अमेरिकी एयरफोर्स और 20 मरीन कॉर्प्स के पास बताए जाते हैं. मई में अमेरिकी एयरफोर्स के सीनियर अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल डेविड टैबोर ने सीनेट में बताया था कि बचे हुए रीपर की संख्या करीब 135 तक गिर गई थी. उन्होंने इस नुकसान पर चिंता भी जताई थी. बेड़े को तेजी से दोबारा मजबूत करने के विकल्पों पर काम करने की बात कही थी.
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