ग्लेशियर का हिस्सा टूटने से नेपाल में तबाही?

नेपाल – भीषण फ्लैश फ्लड (विनाशकारी बाढ़)की तबाही के पीछे ग्लेशियर के एक बड़े हिस्से के टूटने को संभावित वजह माना जा रहा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में बाढ़ से पहले और बाद का अंतर साफ नजर आ रहा है. इन तस्वीरों से पता चलता है कि पहाड़ का एक हिस्सा मलबे, बर्फ और चट्टानों के साथ नीचे घाटी में आ गिरा. इसके बाद नदी में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव शुरू हुआ. देखते ही देखते महज 23 मिनट के अंदर नेपाल में बाढ़ की तबाही मची. बाढ़ में अब तक 332 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं. इनमें भारत समेत 32 देशों के नागरिक शामिल हैं.Planet Labs की सैटेलाइट इमेजरी में बाढ़ से पहले पहाड़ी इलाका हरा-भरा दिखाई देता है. आपदा के बाद उसी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा भूरे रंग के मलबे और तलछट से ढका नजर आता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लेशियर का निचला हिस्सा करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई से टूटकर लगभग 1,200 मीटर नीचे घाटी में गिरा था.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद बर्फ, चट्टान और मिट्टी का विशाल मलबा नदी में पहुंचा. देखते ही देखते ये विनाशकारी बाढ़ में बदल गया. पानी और मलबे का यह सैलाब तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी से होते हुए नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में फैल गया.

शुरुआती रिपोर्टों में आशंका जताई गई थी कि तिब्बत के इलाके में आया 4.4 तीव्रता का भूकंप ग्लेशियर टूटने की वजह हो सकता है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, रिकॉर्ड किया गया भूकंपीय झटका शायद ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों के टूटकर नीचे गिरने से पैदा हुई ऊर्जा थी. यानी भूकंप के कारण ग्लेशियर टूटा, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा. नई थ्योरी में कहा जा रहा है कि ग्लेशियर टूटने से भूकंप जैसे झटके महसूस हुए थे.

ग्लेशियर के टूटने के बाद पानी, बर्फ, चट्टान और मिट्टी का तेज बहाव नदी में पहुंचा. इससे नेपाल के रासुवा जिले और आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई. घर, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट मलबे में तब्दील हो गए. डाउनस्ट्रीम इलाकों में नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 9 मीटर तक बढ़ने की रिपोर्ट है. तिब्बत के ग्योरॉन्ग क्षेत्र में भी सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है.

 

 

About Dharm Path

Leave a Reply


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493