नयी दिल्ली – पेट्रोल, रेलवे टिकट और तीन अन्य जरूरी सेवाओं के लिए 2,000 रुपए से अधिक के UPI भुगतान पर 15 अक्टूबर से 5 रुपए का तय मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इसके लिए नया ढांचा जारी किया है। इसमें दूरसंचार सेवाएं, बीमा और कृषि इनपुट भी शामिल हैं।
NPCI ने 15 सितंबर को नए MDR ढांचे की घोषणा की थी। इसके तहत चुनिंदा व्यक्ति से व्यापारी यानी P2M UPI लेनदेन पर शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि, छोटे भुगतान और शून्य-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले छोटे कारोबारियों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह शुल्क मुक्त रहेगा। यह 5 रुपए का शुल्क व्यापारी के लेनदेन पर लागू होगा। ग्राहक को अपने बिल के ऊपर अलग से 5 रुपए नहीं देने होंगे।
रेलवे, दूरसंचार सेवाओं, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसी तय श्रेणियों में 2,000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर 5 रुपए का तय MDR लगेगा। पहले जहां प्रतिशत के आधार पर शुल्क लगाया जाता था, वहीं इन क्षेत्रों के लिए अब तय शुल्क रखा गया है।
अगर कोई व्यक्ति रेलवे टिकट के लिए 3,000 रुपए UPI से भुगतान करता है, तो व्यापारी पर 5 रुपए MDR लगेगा। इसी तरह 5,000 रुपए के बीमा भुगतान पर भी 5 रुपए का MDR लागू होगा।
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