बंगाल:ट्रिब्यूनल के जजों ने महीनों पहले ही आयोग को बताई थीं ईसीआई पोर्टल की ख़ामियां

नई दिल्ली-पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपीलों की सुनवाई के लिए गठित ट्रिब्यूनलों के 19 न्यायाधीशों में से कम से कम 12 ने अगस्त में ECINET पोर्टल को लेकर शिकायत की थी.

गौरतलब है कि एसआईआर के दौरान इन ट्रिब्यूनलों को अपीलों की सुनवाई करनी थी, जिनमें उन मतदाताओं से संबंधित मामले भी शामिल थे, जिनके नाम प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे. इस काम के लिए पोर्टल बेहद महत्वपूर्ण था. इन जजों ने कहा था कि पोर्टल अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रहा है.

राज्य में 27 लाख मतदाता मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए, जिनमें से 22 लाख ने ट्रिब्यूनलों का रुख किया. न्यायाधीशों ने यह भी बताया कि पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के उनके अनुरोधों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ट्रिब्यूनल ने ECINET पोर्टल को लेकर यह चिंता जताई थी कि इसमें ‘अगर ट्रिब्यूनल पक्षकारों की सुनवाई करना चाहे तो वर्चुअल सुनवाई करने की कोई व्यवस्था नहीं है.’ अख़बार की यह रिपोर्ट 11 अगस्त को हुई ट्रिब्यूनल की बैठक के उन मिनट्स पर आधारित है, जिन्हें अखबार ने देखा है.

इसके अलावा, एक बार किसी मतदाता का नाम हटा दिए जाने या सूची में शामिल कर दिए जाने के बाद ट्रिब्यूनल चाहने के बावजूद उसे पोर्टल पर बहाल नहीं कर सकता था. ट्रिब्यूनल इस पोर्टल के माध्यम से आवेदकों को अपने आदेश की प्रति भी उपलब्ध नहीं करा पा रहे थे.पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया इस मायने में अलग थी कि इसमें ट्रिब्यूनल के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों की भी भूमिका थी. फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी. इन अधिकारियों ने आयोग के सॉफ्टवेयर सिस्टम द्वारा हटाए गए 60 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की थी. इस सॉफ्टवेयर ने उन मतदाताओं के नाम हटा दिए थे, जिनकी प्रविष्टियों में ‘तार्किक विसंगतियां’ पाई गई थीं.

About Dharm Path

Leave a Reply


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493