अखलाक के घर से मिले मांस की जांच मथुरा फॉरेंसिक लैब में कराई गई थी। रिपोर्ट में गोवंश का मांस साबित होने के बाद गौतमबुद्धनगर की जारचा कोतवाली पुलिस ने जहां अखलाक समेत उसके परिवार के सात लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर गोहत्या निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इस मामले में अदालत द्वारा मृत अखलाक और उसके पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश को माकपा ने न्याय की विडंबना बताते हुए कहा कि जिस मांस के थैले की जांच को आधार बनाया गया है, वह मांस अखलाक के घर से नहीं, बल्कि बाहर से लाया था।
माकपा का कहना है कि तिलक-चंदन लगाए जो लोग अखलाक की बर्बर हत्या में शामिल रहे और अखलाक के परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव दे रहे हैं, उन्हीं के द्वारा अदालत में पेटीशन दाखिल किया गया था। पेटीशन में जिस मांस के थैले को आधार बनाया गया है, वह अखलाक के घर का नहीं, बल्कि बाहर से लाया गया था।
माकपा राज्य कमेटी के सचिव हीरालाल यादव का कहना है कि यह अत्यंत दुखद है कि अखलाक के परिवार के वकील की दलील सुने बिना ही अदालत ने एकतरफा आदेश दे दिया। जिस परिवार पर जुल्म ढाया गया, उसी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करने का आदेश कैसा न्याय है? यह आदेश विडंबनापूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में उप्र सरकार हस्तक्षेप करते हुए इस अदालती आदेश के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए। अखलाक परिवार के वकील ने हालांकि कहा है कि वह जिला अदालत के इस आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
गौरतलब है कि बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर, 2015 की रात भीड़ ने गोकशी के आरोप में अखलाख के घर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी और उसके बेटे को अधमरा कर दिया था।
मथुरा फॉरेंसिंक लैब की रिपोर्ट की कॉपी जिला अदालत ने 31 मई को हत्याकांड के आरोपियों को दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के परिजनों ने अखलाक के परिवार पर गोहत्या का मामला दर्ज करने की लिखित शिकायत पुलिस में दी थी। पुलिस ने जब मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया, तब आरोपियों की तरफ से जिला अदालत में याचिका दायर की गई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बीते गुरुवार को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने सिलाई मशीन से सिर कुचलकर मारे गए अखलाक समेत परिवार के सात सदस्यों- मां असगरी, पत्नी इकरामन, बेटे दानिश, बेटी साइस्ता, भाभी सोना और छोटे भाई जान मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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