नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। संसद में गुरुवार को 36 अनुपयोगी कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पारित हो गया।
2001 के बाद से ऐसा पहली बार किया गया है। यह विधेयक उन अधिनियमों को कानून की किताब से बाहर कर देगा जिनकी उपयोगिता खत्म हो चुकी है।
यह विधेयक लोकसभा में पिछले साल दिसंबर में पारित हो गया था वहीं राज्यसभा से यह विधेयक इस माह की शुरुआत में पास हो गया था। चूंकि राज्यसभा में इस विधेयक में कुछ तकनीकी संशोधन किए गए थे जिसके बाद सरकार को इस विधेयक को दोबारा लोकसभा में पेश करना पड़ा।
संसद में हालांकि अभी इसी तरह के दो और विधेयक लंबित हैं।
इस विधेयक के जरिए जिन कानूनों को निरस्त किया गया है, उनमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, विवाह अधिनियम, निर्वाचन कानून, तलाक कानून, विवाह अधिनियम तथा सबूत अधिनियम में किए गए संशोधन शामिल हैं।
dharmpath.com dharmpath