गोल्ड कोस्ट (आस्ट्रेलिया), 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत को 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्वर्ण पदक दिलाकर सभी की उम्मीदों पर खरी उतरने वालीं भारतीय महिला भारोत्तोलक साईखोम मीराबाई चानू का कहना है कि वह अपने खेल में सर्वश्रेष्ठ बनने के मिशन पर हैं।
चानू ने गुरुवार को 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
गोल्ड कोस्ट में आयोजित हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में चानू ने कहा, “मैं यहां अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के लक्ष्य से आई थी और मैंने इस लक्ष्य को हासिल किया।”
चानू ने कहा, “मैं रियो ओलम्पिक में पदक न जीतने से निराश थी। इसलिए, मैंने इस खेल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने को ही अपना मिशन बना लिया।”
भारत की 23 वर्षीया भारोत्तोलक ने चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया।
चानू ने कहा, “मैं अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी हूं। मुझे हमेशा से अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने की लालसा रही है, ताकि मैं अपने खेल में आगे बढ़ती रहूं। विश्व चैम्पियनशिप के बाद मैंने मेलबर्न में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षण किया। मैं अपनी उपलब्धि से काफी खुश हूं।”
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